धुरंधर 2 की असली कहानी क्या वाकई उजैर बलूच गैंग में सेंध लगाने वाला कोई हम्जा था? जानें फिल्म के पीछे का कड़वा सच
News India Live, Digital Desk : बॉलीवुड सुपरस्टार रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर 2' (Dhurandhar 2) के टीजर ने रिलीज होते ही इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। फिल्म में रणवीर एक जासूस 'हम्जा' (Hamza) की भूमिका में नजर आ रहे हैं, जो पाकिस्तान के कुख्यात गैंगस्टर उजैर बलूच (Uzair Baloch) के गैंग में घुसपैठ करता है। फिल्म के खूंखार सीन्स और किरदारों को देखकर दर्शकों के मन में एक ही सवाल है क्या 'धुरंधर 2' एक सच्ची कहानी है? क्या सच में भारत का कोई जासूस उजैर बलूच के इतने करीब पहुंच गया था कि उसने पूरे सिंडिकेट की जड़ें हिला दीं? आइए, हकीकत और कल्पना के बीच के इस पर्दे को उठाते हैं।
उजैर बलूच: कराची का वो डॉन जिससे कांपता था पाकिस्तान
फिल्म की कहानी को समझने के लिए पहले असली 'उजैर बलूच' को जानना जरूरी है। उजैर बलूच पाकिस्तान के कराची स्थित 'लीयारी' इलाके का बेताज बादशाह था। उस पर हत्या, उगाही और विदेशी जासूसी समेत सैकड़ों मामले दर्ज थे। साल 2016 में पाकिस्तानी रेंजर्स ने उसे गिरफ्तार किया था। चौंकाने वाली बात यह थी कि उस समय पाकिस्तान की सैन्य अदालतों ने आरोप लगाया था कि उजैर बलूच के संबंध 'विदेशी खुफिया एजेंसियों' (खासकर भारत) से थे। इसी वास्तविक घटनाक्रम ने 'धुरंधर 2' की कहानी को जन्म दिया है।
कौन था वो भारतीय जासूस? हम्जा के किरदार का रहस्य
फिल्म में रणवीर सिंह का किरदार 'हम्जा' एक ऐसे जासूस का है जो अपनी पहचान छिपाकर उजैर बलूच के गैंग का हिस्सा बनता है। हालांकि, आधिकारिक रिकॉर्ड में किसी 'हम्जा' नाम के जासूस का जिक्र नहीं मिलता, लेकिन इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रॉ (R&AW) के गलियारों में ऐसी कई अनकही कहानियाँ मशहूर हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि फिल्म का यह किरदार उन गुमनाम नायकों से प्रेरित है जिन्होंने दुश्मन देश की सीमा में घुसकर देश की सुरक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। फिल्म में दिखाया गया 'अंडरकवर ऑपरेशन' काफी हद तक वास्तविक खुफिया ऑपरेशंस की कार्यप्रणाली से मेल खाता है।
क्या कहती है फिल्म की टीम? हकीकत या कल्पना
फिल्म के निर्देशक ने एक इंटरव्यू में संकेत दिया था कि 'धुरंधर 2' पूरी तरह काल्पनिक नहीं है। यह सच्ची घटनाओं और खुफिया रिपोर्ट्स (Intelligence Reports) के संकलन पर आधारित है। फिल्म में कराची के अंडरवर्ल्ड और वहां की राजनीतिक साठगांठ को जिस बारीकी से दिखाया गया है, वह उजैर बलूच के दौर की याद दिलाता है। रणवीर सिंह ने भी अपने किरदार के लिए काफी रिसर्च की है ताकि वह एक जासूस की दुविधा और साहस को पर्दे पर उतार सकें। यह फिल्म न केवल एक एक्शन थ्रिलर है, बल्कि यह उन कूटनीतिक युद्धों की झलक भी दिखाती है जो पर्दे के पीछे लड़े जाते हैं।