इन दिग्गजों की विदाई से खाली हो गया खेल का मैदान ,दिलीप दोशी से लेकर जोटा तक, साल की 10 बड़ी क्षति
News India Live, Digital Desk : दिसंबर की इस आखिरी दोपहर में जब हम साल भर का लेखा-जोखा निकालते हैं, तो दिल का एक हिस्सा उन महान खिलाड़ियों को याद कर भर आता है जो इस साल अपनी आखिरी सांसें ले गए। खेल जगत के लिए साल 2025 जीत-हार के अलावा विदाई का साल भी रहा। चाहे वो स्पिन के जादूगर दिलीप दोशी हों या फुटबॉल की दुनिया में अपने गोल से जादू करने वाले डायोगो जोटा इनके जाने से जो कमी पैदा हुई है, उसे शायद ही कभी भरा जा सके।
स्पिन के जादूगर की विदाई: दिलीप दोशी का वो दौर
भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए इस साल की सबसे दुखद खबरों में से एक रही स्पिन के दिग्ग्ज दिलीप दोशी का जाना। वह उस दौर के खिलाड़ी थे जब क्रिकेट में क्लास और कलाकारी सबसे ऊपर हुआ करती थी। बाएं हाथ के स्पिनर दोशी ने न केवल भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया, बल्कि कई युवाओं को खेल की बारीकियां सिखाईं। उनके जाने से भारतीय स्पिन गेंदबाजी के इतिहास का एक बहुत ही शानदार अध्याय बंद हो गया। आज के युवाओं के लिए उनकी मेहनत एक मिसाल रहेगी।
फुटबॉल की दुनिया ने खोए अपने सितारे
भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी फुटबॉल प्रेमियों को बड़ा सदमा लगा। जब हम 'डियोगो जोटा' जैसे नाम सुनते हैं, तो जेहन में एक अलग सी ऊर्जा दौड़ जाती है। मैदान पर उनका वो उत्साह अब सिर्फ पुरानी रिकॉर्डिंग्स और यूट्यूब वीडियो में ही दिखाई देगा। 2025 के पन्नों में यह विदाई काफी भारी रही, क्योंकि ये वे सितारे थे जिन्होंने अपनी आँखों में कई बड़े सपने पाल रखे थे और करोड़ों फैंस के हीरो थे।
अन्य खेलों में भी छाया मातम
यह सिर्फ क्रिकेट और फुटबॉल की बात नहीं है; टेनिस, एथलेटिक्स और बॉक्सिंग जैसे खेलों से भी इस साल कई ऐसी खबरें आईं जो हमें नहीं मिलनी चाहिए थीं। किसी ने लंबी बीमारी के आगे घुटने टेके, तो कोई अचानक से ही इस दुनिया को अलविदा कह गया। खेल एक ऐसी भाषा है जो दुनिया को जोड़ती है, और जब इन जोड़ने वाले कड़ियों में से कोई एक टूट जाता है, तो पूरा समुदाय गमगीन हो जाता है।
उनका योगदान जो कभी नहीं भुलाया जाएगा
इन दिग्गजों के बारे में बात करते समय हमें सिर्फ़ उनके आंकड़े या स्कोर कार्ड नहीं देखने चाहिए। ये वे लोग थे जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी। किसी ने देश का गौरव बढ़ाया, तो किसी ने अपने जुनून से हज़ारों को प्रेरित किया। 2025 ने शायद उन्हें हमसे छीन लिया हो, लेकिन जिस पसीने और मेहनत से उन्होंने खेल को सींचा है, वो आने वाली पीढ़ियों को हमेशा सही रास्ता दिखाता रहेगा।