अयोध्या से नेपाल सीमा तक का सफर होगा आसान! गोंडा-बलरामपुर हाईवे बनेगा 6-लेन, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा ने बदली किस्मत
गोंडा/अयोध्या: देवीपाटन मंडल के लाखों लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। अयोध्या को गोंडा और बलरामपुर से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग को अब छह लेन (Six-lane) बनाने का फाइनल डिजाइन तैयार हो गया है। लगभग 65 किलोमीटर लंबे इस आधुनिक हाईवे के बनने से न केवल अयोध्या से नेपाल सीमा तक का सफर बेहद आसान और तेज हो जाएगा, बल्कि ट्रैफिक की समस्या भी जड़ से खत्म हो जाएगी। यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद इन जिलों के विकास को नए पंख लगेंगे।
रामलला की प्राण प्रतिष्ठा ने बदल दी हाईवे की किस्मत
यह वही सड़क है जिसे कम ट्रैफिक का हवाला देकर साल 2023 में मंत्रालय ने फोरलेन बनाने का प्रस्ताव ठुकरा दिया था। लेकिन, जनवरी 2024 में अयोध्या में रामलला की भव्य प्राण प्रतिष्ठा के बाद यहां की तस्वीर पूरी तरह बदल गई। अयोध्या और गोंडा में देश के बड़े उद्योगपतियों के बढ़ते निवेश और रोजाना लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए सरकार ने पहले इस मार्ग को अयोध्या से गोंडा तक सिक्स-लेन बनाने की योजना बनाई, जिसे अब बलरामपुर तक बढ़ा दिया गया है।
अब घंटों का सफर मिनटों में, इतनी कम हो जाएगी दूरी
इस नए सिक्स-लेन हाईवे के बनने से अयोध्या, गोंडा और बलरामपुर के बीच की दूरियां काफी घट जाएंगी। नए डिजाइन के मुताबिक:
- अयोध्या से गोंडा की दूरी मात्र 35 किलोमीटर रह जाएगी।
- गोंडा से बलरामपुर का सफर महज 22 किलोमीटर का होगा।
इसका सबसे बड़ा फायदा श्रावस्ती, बलरामपुर और नेपाल सीमा से आने वाले उन लाखों श्रद्धालुओं और यात्रियों को होगा, जिनके लिए अयोध्या पहुंचना अब पहले से कहीं ज्यादा सुगम हो जाएगा।
खेतों के बीच से गुजरेगा नया सिक्स-लेन हाईवे
यह आधुनिक हाईवे पुरानी और संकरी सड़कों के बजाय पूरी तरह से नए रास्ते (एलाइनमेंट) पर बनाया जाएगा। 57 किलोमीटर लंबा यह नया मार्ग नवाबगंज के महेशपुर से शुरू होकर सीधे खेतों के बीच से गुजरेगा, जो गोंडा शहर की प्रस्तावित रिंग रोड से जुड़ते हुए अंत में गोरखपुर-शामली एक्सप्रेस-वे में मिल जाएगा।
25 मीटर चौड़े इस मुख्य मार्ग के दोनों तरफ सर्विस लेन भी बनाई जाएंगी। इसके निर्माण के लिए लगभग 90 मीटर चौड़ी पट्टी में करीब 600 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। एनएच डिवीजन के अनुसार, इसकी डिजाइन केंद्रीय मंत्रालय को भेज दी गई है और मंजूरी मिलते ही जमीन अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया जाएगा।