देश की 50% से ज्यादा आबादी की गिनती ही नहीं होगी? जनगणना पर छिड़ा अब तक का सबसे बड़ा विवाद
News India Live, Digital Desk: देश में अगली जनगणना कब होगी, इस पर अभी भी सवाल बना हुआ है। लेकिन इससे पहले ही जनगणना के फॉर्मेट यानी प्रश्नावली को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि सरकार जो जनगणना कराने की तैयारी कर रही है, उसके फॉर्म से अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य (General) कैटेगरी के कॉलम को ही हटा दिया गया है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इसे देश के साथ एक "बहुत बड़ा धोखा" और "छलावा" बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि जनगणना की तैयारी के लिए जो फॉर्म बनाया गया है, उसमें सिर्फ अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की गिनती का ही विकल्प है।
क्या है पूरा मामला और कांग्रेस की चिंता क्या है?
दरअसल, कांग्रेस और कई विपक्षी दल लंबे समय से देश में जातिगत जनगणना (Caste Census) कराने की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि देश में OBC समुदाय की असल आबादी कितनी है, यह जानना बहुत ज़रूरी है ताकि उनके लिए योजनाएं और आरक्षण की नीतियां सही तरीके से बनाई जा सकें।
अब कांग्रेस का आरोप है कि मोदी सरकार जातिगत जनगणना की मांग को दरकिनार करने के लिए एक नई चाल चल रही है। जयराम रमेश के मुताबिक, सरकार जनगणना के फॉर्म में सिर्फ SC और ST की गिनती करके यह दिखाने की कोशिश करेगी कि उसने गिनती की है, जबकि असलियत में देश की सबसे बड़ी आबादी वाले हिस्से, यानी OBC और सामान्य वर्ग की गिनती ही नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा, "यह देश के साथ एक बहुत बड़ी धोखाधड़ी है। हमारी मांग बिल्कुल साफ है कि सभी जातियों की गिनती के साथ एक व्यापक जातिगत जनगणना कराई जाए।"
क्यों महत्वपूर्ण है OBC की गिनती?
भारत में OBC एक बहुत बड़ा और विविधता भरा सामाजिक समूह है। मंडल कमीशन की रिपोर्ट के अनुसार, देश की आबादी में उनका हिस्सा 50% से भी ज़्यादा हो सकता है। हालांकि, सही आंकड़े किसी के पास नहीं हैं क्योंकि 1931 के बाद से देश में जातियों की गिनती नहीं हुई है।
जातिगत जनगणना के समर्थकों का मानना है कि जब तक OBC की सही संख्या पता नहीं चलेगी, तब तक उन्हें शिक्षा, नौकरी और राजनीति में सही प्रतिनिधित्व देना मुश्किल है। इसी वजह से यह मुद्दा सामाजिक न्याय और राजनीति का एक अहम केंद्र बना हुआ है।
फिलहाल सरकार की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन कांग्रेस के इस आरोप ने जनगणना पर चल रही बहस को एक नया मोड़ दे दिया है। अब सवाल यह उठ रहा है कि क्या सरकार वाकई OBC की गिनती से बचना चाहती है, या यह सिर्फ एक शुरुआती ड्राफ्ट है जिसमें बाद में बदलाव हो सकता है।