भाजपाई किसानों की आय दोगुनी करने चले थे, उल्टा जेब खाली कर दी,अखिलेश का योगी सरकार पर बड़ा हमला

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उत्तर प्रदेश की राजनीति में किसानों का मुद्दा हमेशा से ही सबसे गर्म रहा है। अब एक बार फिर, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रदेश के अन्नदाताओं की दुर्दशा को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला है।

उन्होंने आरोप लगाया है कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने किसानों की आय दोगुनी करने का जो वादा किया था, वह एक ‘महा-झूठ’ साबित हुआ है। हालत यह है कि किसानों की आय दोगुनी होना तो दूर, उलटा महंगाई की मार ने उनकी लागत को ही दोगुना कर दिया है, जिससे वे बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं।

अखिलेश ने उठाए ये 5 बड़े सवाल:

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने बड़े ही गुस्से और तल्ख अंदाज में कहा:

  1. आय नहीं, लागत हुई दोगुनी: बीजेपी का वादा था आय दोगुनी करने का, लेकिन डीजल, खाद, और बीज के दाम इतने बढ़ गए कि किसानों की खेती करने की लागत ही दोगुनी हो गई।
  2. कर्जमाफी सिर्फ एक धोखा: उन्होंने सवाल उठाया कि बीजेपी ने बड़े-बड़े वादे किए थे कर्ज माफ करने के, लेकिन आज भी यूपी का किसान कर्ज के बोझ तले दबा हुआ आत्महत्या करने को मजबूर क्यों है?
  3. धान खरीद का महा-घोटाला: अखिलेश ने आरोप लगाया कि सरकारी धान खरीद केंद्रों पर किसानों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है, ताकि वे अपनी फसल बिचौलियों को औने-पौने दामों में बेचने पर मजबूर हो जाएं।
  4. MSP सिर्फ कागजों पर: सरकार MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) बढ़ाने का ढिंढोरा तो पीटती है, लेकिन जब किसान अपनी फसल बेचने मंडी जाता है, तो उसे MSP मिलती ही नहीं।
  5. सिर्फ बड़े उद्योगपतियों का भला: उनका आरोप था कि यह ‘डबल इंजन’ की सरकार सिर्फ अपने बड़े-बड़े उद्योगपति दोस्तों का हजारों करोड़ का कर्ज माफ करती है, लेकिन उनके पास किसानों का कर्ज माफ करने के लिए पैसा नहीं है।

किसानों को दिलाया ‘यादव राज’ का भरोसा

अखिलेश ने अपनी सरकार के दिनों को याद दिलाते हुए कहा कि समाजवादी सरकार ने हमेशा किसानों के हित में काम किया, मंडियों को सुधारा और उन्हें उनकी फसल का सही दाम दिलवाया।

यह बयान साफ तौर पर दिखाता है कि 2027 के चुनाव से पहले, अखिलेश यादव ने किसानों के मुद्दे को अपनी राजनीति का मुख्य हथियार बनाने का फैसला कर लिया है और वह इस मुद्दे पर सरकार को घेरने का कोई भी मौका नहीं छोड़ने वाले हैं।