IPL इतिहास का सबसे बड़ा ट्रेड जो कभी हो न सका ,संजू सैमसन और दिल्ली कैपिटल्स की अनसुनी कहानी
News India Live, Digital Desk: IPL की दुनिया में मैदान पर खेले जाने वाले खेल जितने ही रोमांचक किस्से मैदान के बाहर 'ट्रेड विंडो' के दौरान भी होते हैं। ऐसी ही एक हो चुकी डील की कहानी है, जो अगर पूरी हो जाती तो आज शायद संजू सैमसन दिल्ली कैपिटल्स की नीली जर्सी में नज़र आते। जी हाँ, एक समय ऐसा था जब दिल्ली की टीम ने राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान और सबसे बड़े सितारे संजू सैमसन को अपनी टीम में शामिल करने की पूरी तैयारी कर ली थी।
यह बात IPL 2025 सीज़न से पहले की है, जब सभी टीमें अगले सीज़न के लिए अपनी रणनीति बना रही थीं। दिल्ली कैपिटल्स, जो हमेशा से एक मज़बूत भारतीय विकेटकीपर-बल्लेबाज की तलाश में रही है, ने संजू सैमसन को अपनी टीम में शामिल करने के लिए राजस्थान रॉयल्स से संपर्क किया था। दिल्ली की टीम सैमसन को अपने पाले में लाने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार थी।
तो फिर क्यों नहीं हो पाई यह बड़ी डील?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली कैपिटल्स ने शुरुआत में राजस्थान रॉयल्स को एक खिलाड़ी और कुछ अतिरिक्त कैश (Player + Cash Deal) का ऑफर दिया था, जिसे RR ने सिरे से नकार दिया। राजस्थान अपनी टीम के सबसे बड़े मैच-विनर और कप्तान को इतनी आसानी से जाने देने के मूड में बिलकुल नहीं था।
इसके बाद राजस्थान रॉयल्स ने जो जवाबी मांग रखी, उसने दिल्ली कैपिटल्स के होश उड़ा दिए।
एक संजू के बदले, RR ने मांगे 3 मैच-विनर
राजस्थान रॉयल्स ने साफ कर दिया कि अगर दिल्ली को संजू सैमसन चाहिए, तो उन्हें बदले में अपने तीन बेहतरीन गेंदबाज़ देने होंगे। जी हाँ, RR ने दिल्ली से कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav), खलील अहमद (Khaleel Ahmed) और मुकेश कुमार (Mukesh Kumar), इन तीनों ही खिलाड़ियों की एक साथ मांग कर ली।
यह मांग दिल्ली कैपिटल्स के लिए किसी झटके से कम नहीं थी। ये तीनों गेंदबाज़ दिल्ली की बॉलिंग लाइन-अप की रीढ़ हैं और इन्हें एक साथ छोड़ देना टीम के पूरे संतुलन को बिगाड़ सकता था। दिल्ली को यह सौदा बहुत ज़्यादा महंगा लगा और काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने इस डील से अपने हाथ पीछे खींच लिए।
इस तरह IPL इतिहास की सबसे बड़ी और रोमांचक ट्रेड डील्स में से एक होते-होते रह गई। संजू सैमसन राजस्थान रॉयल्स के कप्तान बने रहे और आज भी टीम का सबसे बड़ा चेहरा हैं। यह कहानी दिखाती है कि IPL में टीमें अपने स्टार खिलाड़ियों को कितना महत्व देती हैं और उन्हें अपने साथ बनाए रखने के लिए किसी भी तरह का समझौता करने को तैयार नहीं होतीं।