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March 13 2026 09:43 pm

GST में अब तक का सबसे बड़ा बदलाव? अब सामान पर लगेगा सिर्फ 5% और 18% टैक्स

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जब से देश में जीएसटी (GST) लागू हुआ है, हम सब अपनी खरीदारी के बिल पर अलग-अलग टैक्स रेट देखते आए हैं - कहीं 5%, कहीं 12%, कहीं 18% तो कहीं 28%। यह इतना उलझा हुआ है कि आम आदमी के लिए समझना थोड़ा मुश्किल हो जाता है। लेकिन अब लगता है कि सरकार इस उलझन को हमेशा के लिए खत्म करने की तैयारी में है।

क्या है यह नया प्लान?

खबरों के मुताबिक, सरकार जीएसटी को बहुत आसान बनाने जा रही है। मंत्रियों के एक समूह (GoM) ने एक बड़े प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है, जिसके तहत जीएसटी के कई स्लैब खत्म करके सिर्फ दो मुख्य स्लैब रखे जाएंगे - 5% और 18%

इसका मतलब यह हुआ कि जो चीजें अभी 12% और 18% टैक्स के दायरे में आती हैं, उनमें से ज़्यादातर को अब सीधे 18% वाले स्लैब में शामिल कर दिया जाएगा।

कौन सी चीजें हो सकती हैं महंगी?

इस बदलाव का सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। जो भी सामान या सेवाएं अभी 12% जीएसटी के दायरे में आती थीं, वो इस नए नियम के लागू होने के बाद महंगी हो सकती हैं, क्योंकि उन पर अब सीधे 18% टैक्स लगने लगेगा। इसमें कुछ पैकेज्ड फूड, कपड़े और दूसरी रोज़मर्रा की चीजें शामिल हो सकती हैं।

और महंगी गाड़ियों, सिगरेट का क्या होगा?

अब आप सोच रहे होंगे कि महंगी चीजों (लग्ज़री आइटम्स) और सिगरेट, पान मसाला जैसी चीजों (सिन गुड्स) का क्या होगा, जिन पर अभी 28% टैक्स लगता है?

सरकार इन चीजों पर कोई राहत देने के मूड में नहीं है। बल्कि, प्रस्ताव यह है कि इन पर 28% टैक्स तो लगता ही रहेगा, साथ में ऊपर से एक 'टॉप-अप टैक्स' या सेस भी लगाया जा सकता है। इसका मतलब है कि ये चीजें भविष्य में और भी महंगी हो सकती हैं।

यह बदलाव क्यों किया जा रहा है?

इस बड़े बदलाव के पीछे दो मुख्य कारण हैं:

  1. टैक्स सिस्टम को आसान बनाना: कई स्लैब होने से उलझन और विवाद होते हैं। दो स्लैब होने से सिस्टम बहुत सरल हो जाएगा।
  2. सरकार की कमाई बढ़ाना: टैक्स सिस्टम आसान होने और 'सिन गुड्स' पर टैक्स बढ़ने से सरकार का खजाना भी भरेगा।

हालांकि, यह अभी सिर्फ एक प्रस्ताव है। इस पर आखिरी फैसला जीएसटी काउंसिल की बैठक में लिया जाएगा, जिसके बाद ही यह नियम बनकर लागू होगा।