धोनी का वो एक गुरुमंत्र और बदल गया शिवम दुबे का करियर शॉर्ट बॉल की कमजोरी को माही भाई ने कैसे बनाया सबसे बड़ा हथियार

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News India Live, Digital Desk : एक समय था जब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और IPL में विरोधी टीमें शिवम दुबे के खिलाफ सिर्फ एक ही रणनीति अपनाती थीं उन्हें शॉर्ट पिच गेंदें डालना। दुबे अक्सर बाउंसर के खिलाफ असहज दिखते थे, लेकिन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) में आने के बाद धोनी के मार्गदर्शन में उनकी बल्लेबाजी का अंदाज पूरी तरह बदल गया।

माही भाई की वो जादुई सलाह (The Advice)

शिवम दुबे ने हाल ही में एक इंटरव्यू में बताया कि धोनी ने उन्हें तकनीक में बड़े बदलाव करने के बजाय 'माइंडसेट' पर काम करने को कहा था:

"गेंद को मत देखो, गेंदबाज को देखो": धोनी ने दुबे को समझाया कि शॉर्ट बॉल आने से पहले ही गेंदबाज की बॉडी लैंग्वेज और फील्डिंग सेटअप को पढ़ना शुरू करें।

पोजीशन का खेल: धोनी ने उन्हें अपनी बैकलिफ्ट और पैरों की पोजीशन में हल्का बदलाव करने की सलाह दी, जिससे उन्हें शॉर्ट बॉल को पुल (Pull) या हुक (Hook) करने के लिए थोड़ा अतिरिक्त समय मिलने लगा।

खुद पर भरोसा: माही ने दुबे से कहा, "तुम्हारे पास इतनी ताकत है कि तुम किसी भी गेंद को बाउंड्री के बाहर भेज सकते हो, बस गेंद के आने का इंतज़ार करो, उस पर झपटो मत।"

नतीजे: 'स्पिन हंटर' से 'बाउंसर किंग' तक

धोनी की सलाह के बाद, दुबे ने नेट्स पर घंटों पसीना बहाया। नतीजा यह हुआ कि:

IPL और टीम इंडिया में वापसी: दुबे अब न केवल स्पिनर्स के खिलाफ छक्के जड़ते हैं, बल्कि दुनिया के सबसे तेज गेंदबाजों की शॉर्ट बॉल पर भी आसानी से बाउंड्री बटोरते हैं।

स्ट्राइक रेट में उछाल: बाउंसर के खिलाफ आत्मविश्वास बढ़ने से उनका स्ट्राइक रेट 160 के पार पहुँच गया है।