राज्य सभा का पारा हाई वंदे मातरम पर अमित शाह और मल्लिकार्जुन खड़गे में जबरदस्त तकरार
News India Live, Digital Desk : दिल्ली की सर्दी के बीच संसद भवन (Parliament House) का तापमान एक बार फिर सातवें आसमान पर पहुंच गया है। मंगलवार को राज्य सभा में एक ऐसा वाकया हुआ जिसने सबको चौंका दिया। बहस तो एक बिल पर हो रही थी, लेकिन मामला देश के राष्ट्रगीत यानी 'वंदे मातरम' (Vande Mataram) पर आकर अटक गया।
नौबत यहाँ तक आ गई कि गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भरे सदन में कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) से कड़े लफ्ज़ों में पूछ लिया कि "क्या इस देश में 'वंदे मातरम' बोलना अपराध है?"
आइये, आसान शब्दों में जानते हैं कि आखिर वह कौन सी चिंगारी थी जिससे यह आग भड़की।
बात हवाई जहाजों की थी...
सदन में 'भारतीय वायुयान विधेयक 2024' (Bhartiya Vayuyan Vidheyak) पर चर्चा चल रही थी। सब कुछ ठीक-ठाक था। बीजेपी सांसद घनश्याम तिवाड़ी अपनी बात रख रहे थे। जब उन्होंने अपना भाषण खत्म किया, तो अंत में जोश के साथ कहा "वंदे मातरम!"
बस यही वह पल था जब विवाद शुरू हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जैसे ही तिवाड़ी जी ने 'वंदे मातरम' कहा, मल्लिकार्जुन खड़गे अपनी सीट से खड़े हुए और उन्होंने इस पर कुछ आपत्ति जताई या टोकने की कोशिश की। खड़गे शायद यह कहना चाह रहे थे कि हर बात के अंत में यह बोलना जरूरी नहीं है या यह विषय से अलग है।
अमित शाह का रौद्र रूप
खड़गे का यह टोकना गृह मंत्री अमित शाह को नागवार गुजरा। वे तुरंत अपनी सीट से खड़े हुए और बेहद आक्रामक अंदाज में विपक्ष को घेर लिया। अमित शाह ने कहा कि खड़गे जी का इस तरह 'वंदे मातरम' का विरोध करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने तीखा सवाल दागते हुए कहा, "मान्यवर, मुझे बहुत ताज्जुब हो रहा है। क्या इस देश में वंदे मातरम बोलने पर कोई सवाल खड़ा कर सकता है? क्या वंदे मातरम बोलना कोई गुनाह है? मुझे तो लगता है कि खड़गे जी के मन में ही खोट है।"
अमित शाह ने साफ़ कर दिया कि कोई भी किसी सदस्य को अपनी देशभक्ति का इज़हार करने से रोक नहीं सकता।
सभापति भी हुए हैरान
इस पूरी नोक-झोंक में राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़ (Jagdeep Dhankhar) भी हैरान रह गए। उन्होंने भी खड़गे की आपत्ति पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि कांग्रेस अध्यक्ष जैसा वरिष्ठ नेता 'वंदे मातरम' जैसी पवित्र भावना के खिलाफ खड़ा होगा। सभापति ने कहा, "यह तो हमारे दिल में है, हमारे खून में है। इस पर तो कोई डिबेट होनी ही नहीं चाहिए।"
क्यों खास है यह विवाद?
दोस्तों, यह लड़ाई सिर्फ एक नारे की नहीं है। बीजेपी हमेशा से कांग्रेस पर आरोप लगाती रही है कि वह तुष्टिकरण की राजनीति के चक्कर में राष्ट्रवाद के प्रतीकों से दूर भागती है। अमित शाह ने इस मौके को हाथ से नहीं जाने दिया और एक ही झटके में कांग्रेस को 'कटघरे' में खड़ा कर दिया।
वहीं, कांग्रेस का कहना है कि वे राष्ट्रगीत का सम्मान करते हैं, लेकिन बीजेपी हर चीज़ को राजनीति का रंग देती है।