BREAKING:
April 18 2026 02:36 am

Telangana Caste Survey: तेलंगाना में कौन सी जातियां कर रही हैं सबसे ज्यादा इंटर कास्ट मैरिज? सर्वे रिपोर्ट मे चौंकाने वाला खुलासा

Post

News India Live, Digital Desk: तेलंगाना में सामाजिक रूढ़िवादिता की दीवारें धीरे-धीरे ढह रही हैं, लेकिन इसकी रफ्तार हर वर्ग में अलग-अलग है। राज्य सरकार द्वारा कराए गए व्यापक जातिगत सर्वे में यह सामने आया है कि अय्यर (आयंगर), ईसाई और राजू समाज के लोग अंतर्जातीय विवाह करने में प्रदेश में सबसे आगे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, शहरीकरण और उच्च शिक्षा ने इन समुदायों में 'सोशल मोबिलिटी' को बढ़ाया है, जिससे वे जातिगत बंधनों से बाहर निकलकर जीवनसाथी चुन रहे हैं।

अय्यर/आयंगर समाज सबसे ऊपर: 12% शादियां इंटर कास्ट

रिपोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि तेलंगाना में सबसे ज्यादा खुलापन अय्यर और आयंगर बिरादरी में है। इस समाज के करीब 12 फीसदी परिवारों में अंतर्जातीय विवाह हुए हैं। इसके पीछे मुख्य कारण इनका उच्च शैक्षिक स्तर और शहरों में बसावट को माना गया है।

दलित ईसाई: करीब 9.9 फीसदी के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

राजू बिरादरी: 8.7 फीसदी के साथ तीसरे पायदान पर है।

ब्राह्मण और कापू: ये समाज भी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पार्टनर चुनने की आजादी के मामले में आगे बढ़ रहे हैं।

इंटर कास्ट मैरिज में 'टॉप' और 'बॉटम' जातियां

श्रेणीजातियां (ज्यादा इंटर कास्ट मैरिज)कारण
सबसे आगेअय्यर/आयंगर, ईसाई, राजू, ब्राह्मणशिक्षा का स्तर ऊंचा, 90% शहरी आबादी, अधिक सामाजिक एक्सपोजर।
सबसे पीछेकोलम (ST), गोंड (ST), माली (BC), रेड्डी और वेलामाग्रामीण आबादी, पारंपरिक रूढ़िवादिता, सामाजिक प्रतिष्ठा का भाव।

शहरीकरण और शिक्षा: बैरियर तोड़ने के दो बड़े हथियार

एक्सपर्ट कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में दो महत्वपूर्ण निष्कर्ष दिए हैं:

शहरी बनाम ग्रामीण: शहरों में बसने वाली जातियों में दूसरी जातियों में शादी करने का प्रचलन अधिक है। ब्राह्मणों की 90% आबादी शहरों में रहती है, जिसके कारण उनके बीच सामाजिक बैरियर कमजोर हुए हैं।

महिलाओं की आजादी: रिपोर्ट इसे महिलाओं को अपना पार्टनर चुनने की आजादी से जोड़कर देखती है। जहां शिक्षा और एक्सपोजर अधिक है, वहां महिलाएं सामाजिक रूढ़ियों के प्रति कम आसक्त हैं।

खेतिहर समुदायों में अब भी 'सख्ती'

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि तेलंगाना के प्रमुख खेतिहर समाज जैसे रेड्डी और वेलामा में इंटर कास्ट मैरिज का प्रचलन राज्य के औसत से भी कम है।

प्रतिष्ठा का प्रश्न: इन समुदायों में शादियों को अब भी सामाजिक प्रतिष्ठा (Social Status) से जोड़कर देखा जाता है।

ग्रामीण जड़ें: इनकी बड़ी आबादी गांवों में रहती है और जमीन-जायदाद से जुड़ी होने के कारण ये अपनी बिरादरी के भीतर ही रिश्ते करना पसंद करते हैं।

गोंड और कोलम समाज में बदलाव की धीमी रफ्तार

एसटी बिरादरी में आने वाले कोलम और गोंड समाज में अंतर्जातीय विवाह की संख्या सबसे कम है। इसका मुख्य कारण उनका दुर्गम इलाकों में रहना और मुख्यधारा के सामाजिक एक्सपोजर की कमी है।