Team India : उपकप्तानी का 'कांटों भरा ताज जब शुभमन और अक्षर भी सुरक्षित नहीं, तो क्या असुरक्षा के साये में है भारतीय क्रिकेट का भ
News India Live, Digital Desk: भारतीय क्रिकेट में इन दिनों एक अजीब सा 'पैटर्न' देखने को मिल रहा है। जहां एक तरफ टीम इंडिया नए युग की ओर कदम बढ़ा रही है, वहीं दूसरी ओर उपकप्तानी (Vice-Captaincy) का पद किसी 'म्यूजिकल चेयर' जैसा हो गया है। हालिया घटनाक्रमों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या टीम इंडिया में अब कोई भी खिलाड़ी अपनी जगह को लेकर पूरी तरह आश्वस्त हो सकता है?
प्रतिष्ठा बनाम असुरक्षा: चयनकर्ताओं का नया फॉर्मूला?
पहले शुभमन गिल को भविष्य के कप्तान के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन उन्हें उपकप्तानी से हटाना चौंकाने वाला फैसला रहा। यही हाल अक्षर पटेल का भी देखने को मिला। जब गिल और अक्षर जैसे स्थापित खिलाड़ियों को बिना किसी ठोस कारण के टीम से 'चॉप' (Chop) किया जा सकता है, तो यह बाकी खिलाड़ियों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा करता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि उपकप्तानी अब केवल एक 'पद' नहीं बल्कि एक 'हॉट सीट' बन गई है, जहां प्रदर्शन में जरा सी कमी भी आपको कतार से बाहर कर सकती है।
क्या दांव पर है भारतीय क्रिकेट की स्थिरता?
अस्थिर नेतृत्व: बार-बार उपकप्तान बदलने से ड्रेसिंग रूम के माहौल पर असर पड़ता है।
भविष्य की योजनाएं: यदि हम 2026 और 2027 के विश्व कप की ओर देख रहे हैं, तो क्या हमारे पास एक स्थायी उप-प्रमुख है?
खिलाड़ियों का मनोबल: गिल और अक्षर जैसे युवाओं के लिए यह मानसिक रूप से कठिन होता है कि एक सीरीज में वे कप्तान के उत्तराधिकारी होते हैं और दूसरी में अंतिम एकादश (Playing 11) का हिस्सा भी नहीं।