T20 World Cup 2026 : क्या बिना बांग्लादेश के होगा क्रिकेट का ये बड़ा महाकुंभ? तमाशे और तर्क के बीच उलझा क्रिकेट
News India Live, Digital Desk : T20 World Cup 2026 : भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट का रिश्ता हमेशा से काफी रोमांचक रहा है। कभी मैदान पर तीखी नोंक-झोंक तो कभी फैंस के बीच का जुनून, ये सब हमने देखा है। लेकिन साल 2026 की शुरुआत एक ऐसी खबर के साथ हुई है जिसने क्रिकेट प्रेमियों का दिल थोड़ा भारी कर दिया है। 2026 का टी20 वर्ल्ड कप करीब आ रहा है और मेजबानी का बड़ा हिस्सा भारत के पास है, लेकिन बांग्लादेश ने भारत आने को लेकर जो स्टैंड लिया है, उसने खलबली मचा दी है।
खबर यह है कि बांग्लादेश अपनी टीम को भारत भेजने के पक्ष में नहीं दिख रहा है। उनकी तरफ से साफ़ संकेत मिल रहे हैं कि वे "राष्ट्रीय अपमान" (National Humiliation) की कीमत पर भारत में क्रिकेट खेलने को तैयार नहीं हैं।
विवाद की जड़ क्या है?
आज 8 जनवरी 2026 है, और बीते कुछ समय से भारत और बांग्लादेश के कूटनीतिक संबंधों में वैसी मिठास नहीं दिख रही जैसी पहले हुआ करती थी। राजनैतिक उथल-पुथल और सीमाई मसलों के बाद अब खेल का मैदान भी इसकी आंच में सुलझ रहा है। बांग्लादेश के अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान स्थितियों और उनके देश की भावनाओं को देखते हुए, भारत में जाकर खेलना फिलहाल मुश्किल लग रहा है। यह बात तब और गंभीर हो जाती है जब इसे सीधा 'आत्मसम्मान' से जोड़ दिया जाता है।
क्या ये पाकिस्तान-भारत जैसा विवाद बनता जा रहा है?
अक्सर हम भारत और पाकिस्तान के बीच ऐसी बयानबाजी देखते थे, लेकिन अब बांग्लादेश का यह अड़ियल रुख क्रिकेट जगत के लिए चौंकाने वाला है। किसी भी आईसीसी (ICC) टूर्नामेंट में अगर कोई प्रमुख पड़ोसी टीम हिस्सा न ले या दूसरे देश जाने से मना कर दे, तो पूरे टूर्नामेंट का मजा किरकिरा हो जाता है।
फैंस की उम्मीदों पर फिर सकता है पानी
क्रिकेट की रूह (Spirit of Cricket) हमेशा यही कहती है कि खेल को राजनीति से ऊपर रखना चाहिए। पर जब बात राष्ट्रवाद और गौरव की आ जाती है, तो मैदान की लकीरें बड़ी होने लगती हैं। सोशल मीडिया पर भी फैंस बंटे हुए नजर आ रहे हैं। जहाँ एक तरफ सुरक्षा और सम्मान की दुहाई दी जा रही है, वहीं दूसरी तरफ सच्चे खेल प्रेमियों को लग रहा है कि अंत में जीत सिर्फ 'विवादों' की होगी।
आगे क्या हो सकता है?
अगर बांग्लादेश अपना यह फैसला नहीं बदलता, तो आईसीसी को एक बार फिर हाइब्रिड मॉडल या न्यूट्रल वेन्यू (Neutral Venue) जैसे रास्तों पर विचार करना पड़ सकता है, ठीक वैसा ही जैसा भारत-पाकिस्तान मुकाबलों के वक्त होता रहा है। पर क्या श्रीलंका (सह-मेजबान) या कोई और देश इन मैचों के लिए तैयार होगा? यह वक्त ही बताएगा।