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April 03 2026 04:47 am

T20 WC 2026 : GG सर ने मुझे टूटने से बचाया अभिषेक शर्मा ने खोला राज मुश्किल वक्त में कोच गंभीर ने दिया था कौन सा गुरुमंत्र

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News India Live, Digital Desk: अभिषेक शर्मा के लिए टी20 वर्ल्ड कप 2026 किसी रोलर-कोस्टर राइड से कम नहीं रहा। टूर्नामेंट की शुरुआत में लगातार तीन 'डक्स' (0 रन) पर आउट होने के बाद वह भारी दबाव में थे, लेकिन फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ 21 गेंदों में 52 रनों की तूफानी पारी खेलकर उन्होंने आलोचकों का मुंह बंद कर दिया।

1. 'आउट ऑफ फॉर्म' नहीं, 'आउट ऑफ रन्स'

अभिषेक ने खुलासा किया कि जब वह लगातार फ्लॉप हो रहे थे, तब गौतम गंभीर ने उनसे कहा था, "तुम आउट ऑफ फॉर्म नहीं हो, बस तुम्हारे रन नहीं बन रहे हैं। दोनों में बड़ा फर्क है।" गंभीर ने उन्हें अपना 2014 का उदाहरण दिया जब वह खुद आईपीएल में लगातार शून्य पर आउट हुए थे। इस स्पष्ट बातचीत ने अभिषेक का नजरिया बदल दिया।

2. 'सोशल मीडिया से बनाओ दूरी'

लगातार खराब प्रदर्शन के बाद जब सोशल मीडिया पर अभिषेक की आलोचना होने लगी, तो वे मानसिक रूप से काफी परेशान थे। अभिषेक के अनुसार, गौतम गंभीर, कप्तान सूर्या और हार्दिक पांड्या ने उन्हें सख्त हिदायत दी थी— "फोन पकड़ो और अभी के अभी सोशल मीडिया अनइंस्टॉल करो।" अभिषेक कहते हैं कि इस 'कड़वी दवा' ने उन्हें बाहरी शोर से बचाकर गेम पर फोकस करने में मदद की।

3. 'इम्पैक्ट' पर जोर, 'माइलस्टोन' पर नहीं

अभिषेक ने बताया कि गौतम गंभीर की कोचिंग स्टाइल में व्यक्तिगत रिकॉर्ड्स की कोई जगह नहीं है। कोच का निर्देश साफ था: "चाहे तुम 5 गेंदों में 20 रन बनाओ या 50, तुम्हारा इम्पैक्ट टीम की जीत में होना चाहिए।" इसी निडर सोच के कारण अभिषेक फाइनल जैसे बड़े मंच पर पहली ही गेंद से आक्रामक बल्लेबाजी कर सके।

4. 'टूर्नामेंट ऑफ एक्सट्रीम्स' (Tournament of Extremes)

अभिषेक ने इस वर्ल्ड कप को 'अति का टूर्नामेंट' बताया। उन्होंने कहा कि यहाँ उन्होंने असफलता का सबसे निचला स्तर (3 डक्स) और सफलता का सबसे ऊंचा शिखर (वर्ल्ड कप जीत और फाइनल में फिफ्टी) दोनों देखे। उनके अनुसार, गौतम गंभीर के साथ ईमानदार बातचीत ने उन्हें भावनात्मक रूप से टूटने (Emotional Breakdown) से बचाया।

टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अभिषेक शर्मा का सफर

ग्रुप स्टेज: यूएसए, पाकिस्तान और नीदरलैंड्स के खिलाफ लगातार 3 मैच में '0' पर आउट।

सुपर 8: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ महत्वपूर्ण 35 रनों की पारी।

फाइनल (बनाम न्यूजीलैंड): 21 गेंदों में 52 रन (सिर्फ 18 गेंदों में सबसे तेज अर्धशतक)।

नतीजा: भारत बना लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड चैंपियन।