उत्तर प्रदेश में 637 महिलाओं में मिले स्तन कैंसर के लक्षण, विशेष स्क्रीनिंग कैंपेन के आंकड़ों ने बढ़ाई स्वास्थ्य विभाग की चिंता

Post

News India Live, Digital Desk : उत्तर प्रदेश से महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार द्वारा चलाए गए एक विशेष स्वास्थ्य जांच अभियान (Screening Campaign) में 600 से अधिक महिलाओं में स्तन कैंसर के शुरुआती लक्षण पाए गए हैं। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है और प्रभावित महिलाओं के इलाज के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं।

स्क्रीनिंग कैंपेन में हुआ बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में महिलाओं के लिए आयोजित विशेष स्क्रीनिंग कैंपेन के दौरान हजारों महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। इस जांच का मुख्य उद्देश्य स्तन कैंसर (Breast Cancer) और अन्य गंभीर बीमारियों का समय रहते पता लगाना था। रिपोर्ट के अनुसार, कुल जांच की गई महिलाओं में से 637 महिलाओं में संदिग्ध गांठ और स्तन कैंसर के अन्य लक्षण देखे गए हैं।

अस्पतालों को हाई अलर्ट और आगे की प्रक्रिया

जिन महिलाओं में ये लक्षण पाए गए हैं, उन्हें तत्काल उच्च चिकित्सा केंद्रों (Higher Medical Centers) के लिए रेफर कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि इन महिलाओं की अब बायोप्सी और अन्य जरूरी टेस्ट किए जाएंगे ताकि कैंसर की पुष्टि की जा सके। विभाग का मुख्य जोर 'अर्ली डिटेक्शन' यानी शुरुआती पहचान पर है, क्योंकि समय पर इलाज मिलने से स्तन कैंसर को पूरी तरह ठीक किया जा सकता है।

जागरूकता की कमी बनी बड़ी चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता की भारी कमी है। शर्म या जानकारी के अभाव में महिलाएं शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देती हैं, जो आगे चलकर जानलेवा साबित होता है। इस अभियान के जरिए सरकार का लक्ष्य हर महिला तक पहुंचना और उन्हें स्वयं जांच (Self-Examination) के प्रति जागरूक करना है।

सरकार की अगली रणनीति

उत्तर प्रदेश सरकार अब इस तरह के स्क्रीनिंग कैंपों को तहसील और ब्लॉक स्तर तक और अधिक प्रभावी बनाने की योजना बना रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए हैं कि जिन महिलाओं में लक्षण मिले हैं, उनके इलाज के खर्च और देखभाल में कोई कोताही न बरती जाए।