Surya Namaskar : सिर्फ एक कसरत नहीं, सेहत का पूरा खज़ाना क्या आप भी कर रहे हैं ये परफेक्ट योगा?
News India Live, Digital Desk : हम अक्सर फिटनेस के नाम पर हज़ारों रुपये जिम की मेंबरशिप और प्रोटीन पाउडर पर खर्च कर देते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि हमारे पूर्वजों ने हज़ारों साल पहले एक ऐसी तकनीक ईजाद की थी, जिसे अगर आज के समय में "परफेक्ट वर्कआउट" कहा जाए तो गलत नहीं होगा?
मैं बात कर रहा हूँ सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) की। आपने अपनी स्कूल की पीटी (PT) या टीवी पर योग गुरुओं को इसे करते हुए ज़रूर देखा होगा। लेकिन ये महज़ 12 स्टेप्स का एक योग नहीं है, बल्कि आपके शरीर की मशीनरी को फिट रखने का सबसे सस्ता और बेहतरीन तरीका है। चलिए आज समझते हैं कि ये हमारे शरीर पर असल में क्या काम करता है।
1. वेट लॉस के लिए सबसे सीधा रास्ता
आजकल की सिटिंग जॉब्स में पेट का निकलना एक आम समस्या है। सूर्य नमस्कार में शरीर के लगभग हर अंग की स्ट्रेचिंग होती है। इसके 12 स्टेप्स आपके पेट की मांसपेशियों पर ऐसा काम करते हैं कि अगर आप हर रोज़ इसके कुछ सेट करते हैं, तो जिद्दी चर्बी भी गलने लगती है।
2. चेहरे पर आएगी वो 'खास' चमक
हज़ारों के फेशियल कराने से बेहतर है कि आप अपनी बॉडी का ब्लड सर्कुलेशन ठीक करें। जब आप सूर्य नमस्कार की मुद्राएं बदलते हैं, तो पूरे शरीर में खून का दौरा बढ़ता है। इसका सीधा असर आपके चेहरे और त्वचा पर दिखता है। आपकी स्किन पहले से ज़्यादा साफ़ और चमकदार नज़र आने लगती है।
3. तनाव और चिड़चिड़ापन होगा कम
आज की भागदौड़ में तनाव (Stress) हमारे साथ साये की तरह रहता है। सूर्य नमस्कार करने से हमारे शरीर का नर्वस सिस्टम शांत होता है। इसे सही सांस लेने की प्रक्रिया के साथ किया जाए, तो मन एकाग्र (Focus) होता है और जो मानसिक थकान हमें शाम तक तोड़ देती थी, वो धीरे-धीरे खत्म होने लगती है।
4. बेहतर पाचन और हड्डियों की मजबूती
अगर आपको कब्ज या गैस की समस्या रहती है, तो सूर्य नमस्कार के आसान आपके पेट के अंगों को एक बढ़िया मसाज देते हैं, जिससे डाइजेशन सुधरता है। इसके साथ ही ये हड्डियों और रीढ़ की हड्डी को इतना लचीला बना देता है कि बुढ़ापे तक कमर और जोड़ दर्द की शिकायत आपसे दूर रहेगी।
कैसे शुरू करें?
देखिए, जोश में आकर पहले ही दिन 50 सूर्य नमस्कार करने की गलती न करें। अपनी बॉडी को समय दें। शुरू में 2 से 5 सेट करें और धीरे-धीरे इसकी संख्या बढ़ाएं। सुबह की पहली ताज़ा धूप के साथ इसे करना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है क्योंकि इससे विटामिन-डी भी मिलता है।
मेरी राय
शरीर एक मंदिर है, और इसकी देखरेख के लिए किसी मंहगे मशीन की ज़रूरत नहीं है। सूर्य नमस्कार आपको खुद के साथ समय बिताने का मौका देता है। आज ही से आज़मा कर देखिये और फर्क खुद महसूस कीजिये!
आपकी डेली रूटीन में योग की क्या जगह है? क्या आपने कभी सूर्य नमस्कार किया है? अपने अनुभव कमेंट्स में हमारे साथ ज़रूर साझा करें