यादव जी की लव स्टोरी पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला बैन लगाने की याचिका खारिज, कोर्ट बोला हर बात पर आपत्ति क्यों
News India Live, Digital Desk: साल 2026 की सबसे विवादित फिल्मों में शुमार 'यादव जी की लव स्टोरी' (Yadav Ji Ki Love Story) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने और जातिगत भावनाओं को ठेस पहुँचाने के आरोपों वाली याचिका को शीर्ष अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद अब फिल्म की रिलीज का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।
क्या था पूरा विवाद?
फिल्म के टाइटल और ट्रेलर रिलीज के बाद से ही एक विशेष समुदाय के लोग विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि:
जातिगत अपमान: फिल्म का शीर्षक एक विशेष जाति की छवि को धूमिल करता है।
सामाजिक ताना-बाना: आरोप लगाया गया कि फिल्म में दिखाए गए कुछ सीन दो समुदायों के बीच तनाव पैदा कर सकते हैं।
सेंसर बोर्ड की भूमिका: याचिका में सेंसर बोर्ड (CBFC) के सर्टिफिकेट को भी चुनौती दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट की कड़ी टिप्पणी
मामले की सुनवाई के दौरान माननीय न्यायाधीशों ने अभिव्यक्ति की आजादी (Freedom of Speech) पर जोर देते हुए कहा:
कलात्मक स्वतंत्रता: "सिनेमा कला का एक रूप है, हर चीज को व्यक्तिगत या जातिगत चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए।"
सेंसर बोर्ड पर भरोसा: कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जब एक्सपर्ट्स की संस्था (CBFC) ने फिल्म को मंजूरी दे दी है, तो अदालत को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।
याचिका खारिज: कोर्ट ने याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि फिल्म देखने से पहले ही उसके बारे में धारणा बनाना गलत है।
विवादों के बीच फिल्म का बज हुआ दोगुना
'यादव जी की लव स्टोरी' को साल 2026 की दूसरी सबसे चर्चित और विवादित फिल्म माना जा रहा है।
थीम: फिल्म की कहानी एक अंतरजातीय प्रेम कहानी पर आधारित है, जिसमें ग्रामीण परिवेश और राजनीतिक हस्तक्षेप को दिखाया गया है।
सोशल मीडिया ट्रेंड: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ट्विटर (X) पर #YadavJiKiLoveStory ट्रेंड करने लगा है।
रिलीज डेट और बॉक्स ऑफिस पर असर
कानूनी अड़चनों के कारण फिल्म की मार्केटिंग धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब मेकर्स इसे बड़े स्तर पर रिलीज करने की तैयारी कर रहे हैं। ट्रेड एनालिस्ट्स का मानना है कि इस विवाद ने फिल्म को मुफ्त में करोड़ों की पब्लिसिटी दिला दी है, जिसका फायदा ओपनिंग डे पर देखने को मिल सकता है।
निर्माता का बयान: “हम न्यायपालिका के आभारी हैं। हमारा मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना नहीं, बल्कि एक सच्ची प्रेम कहानी दिखाना है।”