Summer Special: गर्मियों में पेट को रखेगा ठंडा और पाचन को देगा नई जान, बचे हुए चावलों से तैयार करें राइस कांजी
News India Live, Digital Desk: उत्तर भारत में गर्मी का पारा चढ़ते ही खान-पान में बदलाव बेहद जरूरी हो जाता है। अक्सर रात के खाने में चावल बच जाते हैं, जिन्हें हम दोबारा गर्म करके खाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इन्हीं बचे हुए चावलों से दक्षिण भारत और ओडिशा (जहाँ इसे 'पखाला भात' कहते हैं) का सबसे ताकतवर ड्रिंक तैयार किया जा सकता है? 'राइस कांजी' (Rice Kanji) न केवल शरीर को हाइड्रेटेड रखती है, बल्कि इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स आपके पेट की गर्मी और पाचन संबंधी समस्याओं को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखते हैं।
राइस कांजी क्यों है 'सुपरफूड'?
गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कांजी एक रामबाण इलाज है। रात भर चावल को पानी में भिगोकर रखने से उसमें नेचुरल फर्मेंटेशन (Fermentation) होता है, जिससे गुड बैक्टीरिया पैदा होते हैं। यह पेट के अल्सर, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत देता है।
बचे हुए चावलों से कांजी बनाने की विधि (Step-by-Step)
बचे हुए चावलों से कांजी बनाना बेहद आसान है। इसके लिए आपको बस कुछ रसोई के बेसिक मसालों की जरूरत होगी:
सामग्री:
1 कटोरी बचे हुए पके हुए चावल
2-3 कटोरी पानी
आधा कटोरी ताज़ा दही या छाछ
स्वाद के अनुसार काला नमक
तड़के के लिए: राई, करी पत्ता, हींग और सूखी लाल मिर्च (वैकल्पिक)
बनाने का तरीका:
ओवरनाइट सोकिंग: रात में बचे हुए चावलों को एक मिट्टी के बर्तन या कांच के कटोरे में डालें और उसमें पर्याप्त पानी भरकर रात भर के लिए छोड़ दें। मिट्टी का बर्तन इसे प्राकृतिक रूप से ठंडा रखेगा।
मैश करना: अगली सुबह चावलों को पानी के साथ ही हाथों से हल्का मैश (मसल) लें।
दही का मिश्रण: अब इसमें ताज़ा दही या छाछ मिलाएं। इसे अच्छी तरह फेंट लें ताकि एक गाढ़ा ड्रिंक तैयार हो जाए।
मसाले: इसमें काला नमक, भुना हुआ जीरा पाउडर और बारीक कटा हरा धनिया मिलाएं।
तड़का (ट्विस्ट): स्वाद बढ़ाने के लिए एक छोटे पैन में थोड़ा तेल गर्म करें। इसमें राई, हींग, करी पत्ता और सूखी मिर्च का तड़का लगाएं और इसे कांजी के ऊपर डाल दें।
कांजी पीने का सही समय और लाभ
विशेषज्ञों के अनुसार, राइस कांजी का सेवन सुबह के नाश्ते में करना सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है।
एनर्जी बूस्टर: यह आपको दिन भर ऊर्जावान बनाए रखता है।
स्किन के लिए वरदान: इसमें मौजूद विटामिन बी कॉम्प्लेक्स त्वचा में चमक लाता है।
इम्युनिटी: फर्मेंटेड होने के कारण यह आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
सावधानी:
अगर आपको सर्दी-खांसी की समस्या है या जोड़ों में दर्द रहता है, तो बहुत ज्यादा खट्टी कांजी के सेवन से बचें। हमेशा ताजे बचे हुए चावलों का ही उपयोग करें (ज्यादा पुराने या महक वाले चावल इस्तेमाल न करें)।