बर्बादी का दूसरा नाम हैं ऐसे लोग: आचार्य चाणक्य की ये सलाह मान ली, तो पैसा और सुकून दोनों बचेगा
आचार्य चाणक्य को न केवल राजनीति का चाणक्य माना जाता है, बल्कि वे मानव स्वभाव को भी बखूबी समझते थे। उन्होंने अपनी नीतियों में जिंदगी जीने के ऐसे तरीके बताए हैं, जो सदियों बाद आज भी उतने ही सटीक बैठते हैं। हम अक्सर अपनी जिंदगी में कुछ ऐसे लोगों से घिरे रहते हैं, जो न तो खुद आगे बढ़ते हैं और न ही हमें बढ़ने देते हैं।
चाणक्य नीति साफ तौर पर कहती है कि गलत संगत आपके सुनहरे भविष्य को खाक में मिला सकती है। अगर आप भी अपनी तरक्की और बैंक बैलेंस को सुरक्षित रखना चाहते हैं, तो नीचे बताए गए 5 तरह के लोगों से तुरंत दूरी बना लेना ही समझदारी है।
1. जिनका काम है सिर्फ कमियां निकालना (नेगेटिव सोच वाले)
हमारे आसपास कुछ ऐसे लोग जरूर होते हैं, जिन्हें खीर में भी कंकड़ ही नजर आते हैं। आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जिन लोगों के दिमाग में हमेशा नकारात्मकता भरी होती है, वे आपके लिए सबसे बड़ा खतरा हैं। जब आप कोई नई शुरुआत करने जाते हैं या खुश होते हैं, तो ये लोग अपनी शिकायतों से आपका उत्साह ठंडा कर देते हैं। इनके साथ रहने से धीरे-धीरे आपकी सोच भी वैसी ही होने लगती है। आप अपना कीमती वक्त उनकी फिजूल बातें सुनने में गंवा देते हैं और मानसिक थकान अलग से मिलती है।
2. झूठ जिनके होंठों पर रखा हो
भरोसा हर रिश्ते की नींव होती है, लेकिन जो व्यक्ति बात-बात पर झूठ बोलता है, वह कभी भी आपका सगा नहीं हो सकता। चाणक्य ने सख्त हिदायत दी है कि झूठे लोगों के साथ किसी भी तरह का आर्थिक लेन-देन या बिजनेस नहीं करना चाहिए। ऐसे लोग आपको गलत जानकारी देकर फंसा सकते हैं, जिससे आपको मोटा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इन पर पैसा लगाना पानी में पैसा बहाने जैसा है।
3. मेहनत से जी चुराने वाले (आलसी)
कहा जाता है कि खरबूजे को देखकर खरबूजा रंग बदलता है। अगर आपकी संगत ऐसे लोगों के साथ है जो आलसी हैं और मेहनत से भागते हैं, तो समझ लीजिये आपका पतन निश्चित है। ऐसे लोग न खुद कुछ करते हैं और न ही दूसरों के समय की कद्र करते हैं। वे अपनी नाकामी का बोझ भी आप पर डाल देंगे। अपनी ऊर्जा और संसाधन उन पर खर्च करने का कोई फायदा नहीं, जो हिलना भी नहीं चाहते।
4. बात-बात पर झगड़ा करने वाले
चाणक्य नीति कहती है कि क्लेश और विवाद जिस इंसान की आदत हो, उसे दूर से ही नमस्कार कर लेना चाहिए। झगड़ालू इंसान के साथ रहने का मतलब है-तनाव को न्योता देना। ये लोग राई का पहाड़ बनाने में माहिर होते हैं। इनके साथ रहने पर आपका ज्यादातर समय सुलह-सफाई और बेकार की बहसों में निकल जाएगा। कोर्ट-कचहरी या थानों के चक्कर भी लग सकते हैं, जिससे आपकी गाढ़ी कमाई और इज्जत दोनों मिटटी में मिल सकती है।
5. मतलबी यार और दिखावटी रिश्ते
सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत 'मौकापरस्त' दोस्तों से है। ये वो लोग हैं जो सिर्फ अच्छे वक्त में आपके साथ कॉफी पीते नजर आएंगे। आचार्य चाणक्य के अनुसार, ऐसे दोस्त सिर्फ तब तक आपके हैं जब तक आपकी जेब गर्म है। जैसे ही आपका फायदा मिलना बंद होगा, ये आपको पहचानने से भी इनकार कर देंगे। इन पर भरोसा करना खुद को धोखा देने जैसा है।
जिंदगी में सफलता चाहिए तो इन दीमकों को अपनी लाइफ से हटा दीजिये। याद रखिये, अकेले चलना गलत संगत में चलने से कई गुना बेहतर है।