Strong Attack on Naxalism in Chhattisgarh : डेढ़ साल में 453 नक्सली मारे गए, 1602 ने किया आत्मसमर्पण, 1591 गिरफ्तार

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News India Live, Digital Desk: Strong Attack on Naxalism in Chhattisgarh : छत्तीसगढ़, जो एक समय नक्सलवाद से बुरी तरह प्रभावित रहा है, वहाँ अब स्थिति तेजी से बदल रही है. पिछले डेढ़ साल (2023 से 2025 तक) में राज्य में नक्सल विरोधी अभियानों में सुरक्षा बलों को बड़ी सफलता मिली है. एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान कुल 453 नक्सलियों को मार गिराया गया है, जो नक्सलवाद के खिलाफ चल रही लड़ाई में एक बड़ी उपलब्धि है. यह आकड़ा सिर्फ मौत तक ही सीमित नहीं है, बल्कि सरकार और सुरक्षा बलों की बदलती रणनीति का परिणाम भी है, जिससे नक्सली लगातार कमजोर हो रहे हैं.

इन डेढ़ सालों में, केवल नक्सली मारे ही नहीं गए हैं, बल्कि बड़ी संख्या में नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला भी किया है. कुल 1602 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, और 1591 को गिरफ्तार भी किया गया है. ये आंकड़े बताते हैं कि छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा बल एक दोहरी रणनीति पर काम कर रहे हैं – एक तरफ सख्त कार्रवाई और दूसरी तरफ नक्सलियों को आत्मसमर्पण करके सामान्य जीवन जीने का अवसर देना.

यह सफलता ऐसे ही नहीं मिली है, इसके पीछे राज्य सरकार, पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा बलों का अथक परिश्रम, बेहतर खुफिया जानकारी और रणनीतिक अभियानों की बड़ी भूमिका है. दुर्गम इलाकों में ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं और जिन क्षेत्रों में पहले नक्सलियों का बोलबाला था, वहाँ सुरक्षा बलों की पहुंच बढ़ी है. सरकार द्वारा विकास कार्यों को भी प्राथमिकता दी जा रही है ताकि स्थानीय लोगों का विश्वास जीता जा सके और नक्सलवाद की जड़ों को कमजोर किया जा सके.

मुख्यधारा में शामिल होने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास योजनाएं भी चलाई जा रही हैं, ताकि वे सामान्य जीवन जी सकें और फिर से हथियार न उठाएं. गिरफ्तारियाँ उन लोगों के लिए संदेश हैं जो अभी भी हिंसा के रास्ते पर चल रहे हैं. यह बताता है कि सरकार अब इस मुद्दे पर कोई रियायत देने को तैयार नहीं है. छत्तीसगढ़ के लिए यह एक नई सुबह की उम्मीद जगा रहा है, जहाँ शांति और विकास की संभावनाएं प्रबल होती दिख रही हैं.