Stress and Grey Hair : 25 की उम्र में सफेद बाल? बुढ़ापा नहीं, ये 5 गलतियां बना रही हैं आपके बालों को बूढ़ा
News India Live, Digital Desk: शीशे में खुद को देखते हुए अचानक एक चमकीला सफेद बाल दिख जाए, तो एक पल के लिए दिल धड़क सा जाता है. पहले ज़माने में सफेद बालों को बुढ़ापे और अनुभव की निशानी माना जाता था, लेकिन आज की सच्चाई कुछ और ही है. अब 25-30 साल के युवाओं, यहां तक कि टीनएजर्स के सिर पर भी चांदी चमकने लगी है.
हम अक्सर इसे नज़रअंदाज़ कर देते हैं या फिर केमिकल वाले हेयर कलर से छिपा लेते हैं. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर जवानी में ही हमारे बाल अपनी रंगत क्यों खो रहे हैं? इसका कारण सिर्फ बढ़ती उम्र नहीं, बल्कि हमारी अपनी ही कुछ आदतें और जीवनशैली है.
चलिए, आज जानते हैं उन 5 बड़े कारणों के बारे में जो कम उम्र में ही आपके बालों को सफेद कर रहे हैं.
बालों का रंग आखिर सफेद होता कैसे है?
इसे आसान भाषा में समझते हैं. हमारी त्वचा और बालों को उनका रंग 'मेलेनिन' (Melanin) नाम के एक पिगमेंट से मिलता है. हमारी बालों की जड़ों में 'मेलेनोसाइट्स' नाम की कोशिकाएं होती हैं, जो इस मेलेनिन को बनाती हैं. जब ये कोशिकाएं मेलेनिन बनाना कम कर देती हैं या बंद कर देती हैं, तो बाल बिना किसी रंग के उगने लगते हैं, जो हमें सफेद दिखाई देते हैं.
जवानी में सफेद बालों के 5 असली गुनहगार
1. टेंशन, टेंशन और बस टेंशन (तनाव)
यह आज की पीढ़ी में सफेद बालों का सबसे बड़ा और सबसे आम कारण है. ऑफिस का प्रेशर, रिश्तों में तनाव, पढ़ाई की चिंता - यह सब मिलकर हमारे शरीर में स्ट्रेस हॉर्मोन 'कॉर्टिसोल' को बढ़ा देते हैं. विज्ञान भी मानता है कि लंबे समय तक रहने वाला तनाव हमारी बालों की जड़ों में मौजूद मेलेनिन बनाने वाली कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे बाल समय से पहले ही सफेद होने लगते हैं.
2. प्लेट में पोषण की कमी
हम क्या खाते हैं, उसका सीधा असर हमारे बालों पर दिखता है. आजकल की भागदौड़ में हम अक्सर जंक फूड, पैकेट वाली चीजें और फास्ट फूड पर निर्भर हो गए हैं. इससे हमारे शरीर को वो ज़रूरी पोषक तत्व नहीं मिल पाते जो बालों की सेहत के लिए ज़रूरी हैं. विटामिन B12, आयरन, कॉपर और जिंक जैसे मिनरल्स की कमी से मेलेनिन का उत्पादन कम हो जाता है और बाल सफेद होने लगते हैं.
3. यह आपके जींस में हो सकता है (आनुवंशिकता)
यह एक ऐसा कारण है जिस पर हमारा कोई कंट्रोल नहीं है. अगर आपके परिवार में, यानी आपके माता-पिता या दादा-दादी के बाल कम उम्र में ही सफेद हो गए थे, तो इस बात की बहुत ज़्यादा संभावना है कि आपके बाल भी जल्दी सफेद हो जाएं. इसे जेनेटिक प्रिडिस्पोज़िशन कहते हैं.
4. केमिकल वाले हेयर प्रोडक्ट्स का अंधाधुंध इस्तेमाल
खूबसूरत और स्टाइलिश दिखने के लिए हम अपने बालों पर तरह-तरह के शैम्पू, कंडीशनर, हेयर जेल और कलर का इस्तेमाल करते हैं. इनमें से ज़्यादातर प्रोडक्ट्स में सल्फेट, अमोनिया और पेरोक्साइड जैसे हानिकारक केमिकल्स होते हैं. ये केमिकल्स धीरे-धीरे हमारे बालों की प्राकृतिक नमी छीन लेते हैं और मेलेनिन बनाने वाली कोशिकाओं को भी डैमेज कर देते हैं.
5. बिगड़ता लाइफस्टाइल (धूम्रपान और नींद की कमी)
रिसर्च में यह बात सामने आई है कि धूम्रपान करने वालों के बाल, धूम्रपान न करने वालों की तुलना में जल्दी सफेद होते हैं. सिगरेट में मौजूद टॉक्सिन्स शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को बढ़ाते हैं, जिससे मेलेनिन सेल्स जल्दी बूढ़े होने लगते हैं. इसके अलावा, रोज़ाना 7-8 घंटे की गहरी नींद न लेना भी शरीर की रिपेयरिंग प्रक्रिया में बाधा डालता है, जिसका असर हमारे बालों पर भी पड़ता है.
सफेद बालों का दिखना अब सिर्फ बुढ़ापे की निशानी नहीं, बल्कि हमारे शरीर का एक सिग्नल है कि हमें अपनी जीवनशैली पर ध्यान देने की ज़रूरत है. सही खान-पान, तनाव को कम करके और अपने बालों की सही देखभाल करके हम इस प्रक्रिया को धीमा कर सकते हैं और अपने बालों को लंबे समय तक काला और घना बनाए रख सकते हैं.