जिंदगी भर की कमाई लगाकर खरीद रहे हैं घर? रुकिए! ये 5 गलतियां आपके सपनों को ‘मकबरे’ में बदल सकती हैं
अपना घर खरीदना... यह हममें से ज्यादातर लोगों की जिंदगी का सबसे बड़ा और सबसे भावुक सपना होता है। हम अपनी सालों की मेहनत की कमाई, अपनी पूरी जमापूंजी इस एक सपने को हकीकत में बदलने के लिए लगा देते हैं।
लेकिन सोचिए, क्या हो अगर आपकी यह ‘सपनों की डील’ आपकी जिंदगी की सबसे बड़ी ‘गलती’ और जिंदगी भर का ‘पछतावा’ बन जाए?
जी हां, प्रॉपर्टी खरीदने की खुशी और उत्साह में हम अक्सर कुछ ऐसी बड़ी गलतियां कर बैठते हैं, जिनका खामियाजा हमें सालों तक भुगतना पड़ता है। यह गलतियां इतनी गंभीर होती हैं कि आपका सपनों का घर, आपके लिए एक कानूनी और आर्थिक ‘जंजाल’ बन सकता है।
तो चलिए, आज जानते हैं उन 5 ‘रेड फ्लैग्स’ यानी खतरों के बारे में, जिन्हें आपको प्रॉपर्टी खरीदने से पहले जरूर, जरूर जांच लेना चाहिए।
1. क्या कागज ‘पक्के’ हैं? (Legal Check)
यह सबसे पहली और सबसे जरूरी जांच है।
- क्या करें: सिर्फ बिल्डर की मीठी बातों पर भरोसा न करें। प्रॉपर्टी के टाइटल डीड (मालिकाना हक के कागज), एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट (कहीं प्रॉपर्टी पर कोई लोन या विवाद तो नहीं) जैसे सभी कानूनी दस्तावेजों को किसी अच्छे वकील से अच्छी तरह चेक करवाएं।
- क्यों जरूरी है: अगर कागजों में कोई झोल है, तो हो सकता है कि आप जो जमीन या फ्लैट खरीद रहे हैं, वह किसी विवाद में फंसा हो, या उसका असली मालिक कोई और हो!
2. सिर्फ लोकेशन नहीं, ‘पड़ोस’ भी देखें (Neighbourhood Check)
आपने एक बहुत सुंदर घर खरीद लिया, लेकिन उसके पास ही कूड़े का ढेर लगता हो या रोज पानी भर जाता हो तो?
- क्या करें: सिर्फ गूगल मैप्स पर लोकेशन न देखें। दिन के अलग-अलग समय पर (सुबह, दोपहर और रात में) उस इलाके में जाकर देखें। वहां की साफ-सफाई, सुरक्षा, पानी-बिजली की सप्लाई और आने-जाने की सुविधा को खुद अपनी आंखों से जांचें।
3. बिल्डर की ‘कुंडली’ निकालना न भूलें (Builder’s Background Check)
जिस बिल्डर से आप घर खरीद रहे हैं, क्या वह भरोसे के लायक है?
- क्या करें: उस बिल्डर के पुराने प्रोजेक्ट्स देखें। उन प्रोजेक्ट्स में रहने वाले लोगों से बात करें और पूछें कि क्या बिल्डर ने समय पर घर दिया? कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी कैसी है? और क्या वह बाद में मेंटेनेंस की सुविधा ठीक से देता है या नहीं?
4. छुपे हुए ‘खर्चों’ का राक्षस (Hidden Costs)
प्रॉपर्टी की जो कीमत आपको बताई जाती है, असली खर्चा उससे कहीं ज्यादा होता है।
- क्या होता है: स्टाम्प ड्यूटी, रजिस्ट्रेशन फीस, GST, मेंटेनेंस डिपॉजिट, क्लब मेंबरशिप... ये कुछ ऐसे ‘छुपे हुए’ खर्चे हैं जो बाद में आपकी जेब पर डाका डालते हैं।
- क्या करें: बुकिंग करने से पहले ही, बिल्डर से हर छोटे-बड़े खर्चे के बारे में लिखकर लें।
5. घर को ‘अंदर से’ परखें (Structural Check)
बाहर से सुंदर दिखने वाला घर क्या अंदर से भी उतना ही मजबूत है?
- क्या करें: घर की दीवारों, छतों और कोनों में नमी या सीलन (dampness) के निशान देखें। पानी के नलों का प्रेशर और बिजली की फिटिंग को भी अच्छी तरह चेक करें।
घर खरीदना कोई मोबाइल फोन खरीदना नहीं है, जिसे आप पसंद न आने पर बदल सकें। यह आपकी जिंदगी का एक बहुत बड़ा फैसला है। इसलिए, थोड़ा समय लें, अच्छी तरह जांच-पड़ताल करें और पूरी तरह से तसल्ली होने के बाद ही अपनी मेहनत की कमाई लगाएं, ताकि आपका घर सचमुच आपके लिए ‘खुशियों का आशियाना’ बन सके, न कि जिंदगी भर का पछतावा।