बिहार की सियासत में हलचल विधान परिषद की एक सीट पर उपचुनाव का बिगुल बजा, 12 मई को वोटिंग और 14 को नतीजे
News India Live, Digital Desk : बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) की खाली हुई एक सीट को भरने के लिए चुनाव आयोग ने उपचुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। इस घोषणा के साथ ही राज्य में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, इस सीट पर 12 मई 2026 को मतदान होगा और दो दिन बाद यानी 14 मई को वोटों की गिनती के साथ परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे।
क्यों हो रहा है यह उपचुनाव?
विधान परिषद की यह सीट किसी सदस्य के इस्तीफे या असामयिक निधन की वजह से खाली हुई थी (संदर्भ के अनुसार, कई बार राज्यसभा में चयन या अन्य पदों पर नियुक्ति के कारण सीटें रिक्त होती हैं)। चूंकि विधान परिषद उच्च सदन है, इसलिए इस उपचुनाव के नतीजे राज्य की सत्ताधारी गठबंधन और विपक्ष दोनों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गए हैं। इस सीट पर जीत से सदन में संख्या बल के समीकरणों पर भी असर पड़ेगा।
नामांकन से नतीजों तक का पूरा शेड्यूल
चुनाव आयोग ने इस उपचुनाव के लिए पूरी समय सारणी स्पष्ट कर दी है:
अधिसूचना जारी होने की तिथि: अप्रैल के अंतिम सप्ताह में प्रक्रिया शुरू होगी।
नामांकन की आखिरी तारीख: मई के पहले सप्ताह तक उम्मीदवार पर्चा दाखिल कर सकेंगे।
मतदान (Voting): 12 मई 2026 को सुबह से शाम तक वोट डाले जाएंगे।
परिणाम (Results): 14 मई 2026 को मतगणना के बाद विजेता के नाम की घोषणा होगी।
विधानसभा सदस्यों (MLAs) के हाथ में होगी चाबी
यह चुनाव सीधे जनता द्वारा नहीं, बल्कि निर्वाचित विधायकों के माध्यम से होगा। वर्तमान विधानसभा में एनडीए (NDA) और महागठबंधन के बीच जिस तरह का शक्ति संतुलन है, उसे देखते हुए यह मुकाबला काफी दिलचस्प होने की उम्मीद है। दोनों ही खेमे अपनी जीत पक्की करने के लिए अभी से रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
आचार संहिता और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
चुनाव की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आचार संहिता के नियम प्रभावी हो गए हैं। चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराई जाएगी। विधायकों के मतदान केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहेंगे ताकि बिना किसी दबाव के लोकतांत्रिक प्रक्रिया पूरी हो सके।