युद्ध शुरू करना आसान ट्वीट से खत्म नहीं होगा अली लारीजानी की ट्रंप को दो टूक, जानिए क्यों भड़का है ईरान
News India Live, Digital Desk: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब चरम पर पहुंच गया है। ईरान की 'सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल' के सचिव अली लारीजानी (Ali Larijani) ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को सीधी चेतावनी देते हुए कहा है कि जंग केवल सोशल मीडिया पोस्ट या चंद ट्वीट्स के जरिए नहीं जीती जा सकती। यह बयान ट्रंप के उस दावे के बाद आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका-इजरायल के हमलों के बाद ईरान के पास अब निशाना बनाने के लिए कुछ नहीं बचा है और युद्ध 'जल्द ही' खत्म हो जाएगा।
"ट्वीट्स से नहीं रुकती जंग": लारीजानी का तीखा प्रहार
लारीजानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पोस्ट करते हुए लिखा"ट्रंप कहते हैं कि वे त्वरित जीत चाहते हैं। लेकिन याद रहे, युद्ध शुरू करना आसान है, इसे चंद ट्वीट्स से खत्म नहीं किया जा सकता। हम आपको तब तक नहीं छोड़ेंगे जब तक आप अपनी भारी गलती स्वीकार कर उसकी पूरी कीमत नहीं चुका देते।"
लारीजानी का यह बयान इस ओर इशारा करता है कि ईरान इस संघर्ष को लंबा खींचने (War of Attrition) की तैयारी कर चुका है और वह अमेरिका के 'स्पीड मिशन' को सफल नहीं होने देगा।
विवाद की मुख्य वजहें: क्यों भड़का है ज्वालामुखी?
सुप्रीम लीडर की हत्या का बदला: 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। लारीजानी ने इसे "ऐतिहासिक घाव" बताया है और कसम खाई है कि ईरान खामेनेई के खून का बदला लिए बिना पीछे नहीं हटेगा।
ऊर्जा ढांचे पर हमला और ब्लैकआउट की धमकी: ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका एक घंटे के भीतर ईरान की बिजली क्षमता को तबाह कर सकता है। इसके जवाब में लारीजानी ने चेतावनी दी कि अगर ईरान का ग्रिड गिरा, तो आधे घंटे के भीतर पूरा क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) अंधेरे में डूब जाएगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य का संकट: ईरान ने संकेत दिया है कि वह वैश्विक तेल आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण मार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को पूरी तरह बंद कर सकता है। इसके जवाब में ट्रंप ने 'इनकैल्कुलेबल' (बेहिसाब) हमले की धमकी दी है।
ट्रंप का रुख: "मुझे कोई परवाह नहीं"
ईरानी धमकियों के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चिर-परिचित अंदाज में जवाब दिया है। CBS न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि उन्हें लारीजानी की धमकियों की कोई परवाह नहीं है। ट्रंप ने कहा, "मुझे नहीं पता वह (लारीजानी) कौन है और क्या कह रहा है। वह पहले ही हार चुका है।" ट्रंप ने यह भी दोहराया कि ईरान के पास अब 'बिना शर्त आत्मसमर्पण' (Unconditional Surrender) के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है।
क्षेत्रीय स्थिरता पर खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों तरफ से जारी यह 'जुबानी जंग' (War of Words) कभी भी एक बड़े जमीनी युद्ध में तब्दील हो सकती है। लारीजानी ने पड़ोसी देशों को भी आगाह किया है कि अगर उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हुआ, तो वे भी 'वैध लक्ष्य' (Legitimate Targets) माने जाएंगे।