वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर का मैदान पर तूफान: विनू मांकड़ ट्रॉफी में खेली 173 रनों की तूफानी पारी, जड़े 19 चौके और 8 छक्के

वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर का मैदान पर तूफान: विनू मांकड़ ट्रॉफी में खेली 173 रनों की तूफानी पारी, जड़े 19 चौके और 8 छक्के

भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे विस्फोटक और खूंखार बल्लेबाजों में शुमार रहे 'नजफगढ़ के नवाब' वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) का नाम सुनते ही गेंदबाजों के मन में खौफ पैदा हो जाता था। अब मैदान पर वीरू के खून और उनकी आक्रामक बल्लेबाजी शैली का जलवा उनके बेटे ने दिखाना शुरू कर दिया है। घरेलू क्रिकेट के प्रतिष्ठित टूर्नामेंट विनू मांकड़ ट्रॉफी (Vinoo Mankad Trophy 2026-27) में दिल्ली अंडर-19 टीम की कप्तानी कर रहे आर्यवीर सहवाग (Aaryavir Sehwag) ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से कोहराम मचा दिया है। शुक्रवार, 16 अक्टूबर को चंडीगढ़ के खिलाफ खेले गए मुकाबले में आर्यवीर ने अपने शानदार हुनर का प्रदर्शन करते हुए 173 रनों की एक ऐतिहासिक और रिकॉर्डतोड़ पारी खेली, जिसकी चर्चा इस वक्त पूरे क्रिकेट जगत में हो रही है।

आर्यवीर सहवाग ने खेली 143 गेंदों में 173 रनों की धमाकेदार पारी

विनू मांकड़ ट्रॉफी के अंतर्गत शुक्रवार को दिल्ली अंडर-19 और चंडीगढ़ अंडर-19 के बीच मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली की टीम के लिए पारी की शुरुआत करने कप्तान आर्यवीर सहवाग खुद मैदान पर उतरे। उनका साथ देने के लिए ओपनर अर्नब बुग्गा क्रीज पर आए।

मैदान पर उतरते ही आर्यवीर ने अपने पिता वीरेंद्र सहवाग की स्टाइल में गेंदबाजों पर करारा प्रहार करना शुरू कर दिया। उन्होंने चंडीगढ़ के किसी भी गेंदबाज को टिकने का मौका नहीं दिया और मैदान के चारों तरफ चौकों-छक्कों की बरसात कर दी। आर्यवीर ने अपनी इस शानदार पारी के दौरान महज़ 143 गेंदों का सामना करते हुए कुल 173 रन ठोक डाले। इस मैराथन और आक्रामक पारी में उन्होंने ताबड़तोड़ अंदाज में 19 शानदार चौके और 8 गगनचुंबी छक्के जड़े। उनकी इस बेहतरीन बल्लेबाजी को देखकर स्टेडियम में मौजूद दर्शक और विरोधी टीम के खिलाड़ी भी हैरान रह गए।

पहले विकेट के लिए हुई 98 रनों की साझेदारी, दूसरे छोर से गिरते रहे विकेट

पारी की शुरुआत करते हुए कप्तान आर्यवीर सहवाग और अर्नब बुग्गा ने दिल्ली की टीम को बेहद मजबूत और साधार शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों के बीच पहले विकेट के लिए 98 रनों की अर्धशतकीय साझेदारी हुई। अर्नब बुग्गा ने भी शानदार सहयोग देते हुए 39 गेंदों में 6 चौकों और 1 छक्के की मदद से 47 रनों की उपयोगी पारी खेली।

हालांकि, जब अर्नब आउट हुए तो उसके बाद दिल्ली की पारी लड़खड़ाने लगी। एक छोर पर जहां कप्तान आर्यवीर चट्टान की तरह क्रीज पर टिके रहे और रन बनाते रहे, वहीं दूसरे छोर से लगातार अंतराल पर विकेट गिरने का सिलसिला जारी रहा। बाकी के बल्लेबाज टीम की इस लय को ज्यादा देर तक बरकरार नहीं रख सके और दबाव में बिखरते चले गए। इसके बावजूद आर्यवीर ने अकेले दम पर पारी को संभाले रखा और स्कोरबोर्ड को आगे बढ़ाया।

46वें ओवर में आउट हुए आर्यवीर, 300 के स्कोर तक नहीं पहुंच पाई दिल्ली

आर्यवीर सहवाग की यह लाजवाब पारी मैच के 46वें ओवर में जाकर समाप्त हुई। जब वे आउट हुए, तब टीम का स्कोर 268 रन था और यह दिल्ली का पांचवां विकेट था। उनके पवेलियन लौटने के बाद बचे हुए ओवरों में निचले क्रम के बल्लेबाज ज्यादा रन नहीं जोड़ सके।

शुरुआत को देखकर ऐसा लग रहा था कि दिल्ली की टीम आसानी से 50 ओवरों में 300 रनों के विशाल स्कोर को पार कर लेगी, लेकिन मध्यक्रम के ढीले प्रदर्शन के कारण टीम निर्धारित ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 289 रन ही बना सकी। चंडीगढ़ के गेंदबाजों की तरफ से रुपेश यादव ने सबसे ज्यादा 2 विकेट चटकाए, लेकिन वे आर्यवीर के तूफान को रोकने में पूरी तरह नाकाम रहे।

पिछले मैच की असफलता को पीछे छोड़कर की शानदार वापसी

यह शानदार शतकीय पारी आर्यवीर सहवाग के लिए मानसिक रूप से बहुत राहत देने वाली है, क्योंकि पिछले मुकाबले में उनका बल्ला खामोश रहा था। दिल्ली ने अपना पिछला मैच कर्नाटक अंडर-19 के खिलाफ खेला था, जिसमें कर्नाटक ने पहले बल्लेबाजी करते हुए बोर्ड पर 418 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया था। उस बड़े लक्ष्य का पीछा करने उतरी दिल्ली की पूरी टीम सिर्फ 220 रनों पर सिमट गई थी और उस मैच में कप्तान आर्यवीर केवल 28 रन बनाकर आउट हो गए थे।

पिछले मैच की असफलता को पीछे छोड़ते हुए इस मैच में जिस तरह से आर्यवीर ने वापसी की है, उसने साबित कर दिया है कि उनमें लंबा क्रिकेट खेलने की काबिलियत है। घरेलू क्रिकेट में इस तरह के बड़े स्कोर खड़े करना उनके भविष्य के करियर के लिए एक बहुत बड़ा सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। क्रिकेट प्रेमियों को पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में आर्यवीर अपने पिता की तरह भारतीय क्रिकेट का एक बड़ा नाम बनकर उभरेंगे।