ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 100+ विकेट चटकाने वाले खूंखार गेंदबाज, इस एलीट लिस्ट में शामिल हैं भारत के ये 2 दिग्गज
क्रिकेट के सबसे लंबे और कठिन प्रारूप यानी टेस्ट क्रिकेट में कंगारू टीम यानी ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बेहतरीन प्रदर्शन करना और लगातार विकेट चटकाना दुनिया भर के हर गेंदबाज का एक बड़ा सपना होता है। ऑस्ट्रेलियन पिचों की उछाल और वहां के बल्लेबाजों की आक्रामक मानसिकता के सामने टिक पाना किसी भी गेंदबाज के लिए आसान नहीं होता। इतिहास गवाह है कि जो भी गेंदबाज ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज में शानदार प्रदर्शन करता है, उसका नाम क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक में हमेशा के लिए अमर हो जाता है। दुनिया भर में कुछ ही ऐसे दिग्गज गेंदबाज रहे हैं जिन्होंने कंगारू टीम के खिलाफ टेस्ट मैचों में विकेटों का शतक यानी 100 से अधिक विकेट लेने का कारनामा किया है। सबसे गर्व की बात यह है कि इस बेहद खास और कुलीन सूची में भारत के दो महान स्पिन गेंदबाजों—रविचंद्रन अश्विन और अनिल कुंबले—का नाम भी शामिल है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस लिस्ट में कौन-कौन से विश्वस्तरीय गेंदबाज शुमार हैं और भारतीय दिग्गजों का प्रदर्शन कैसा रहा है।
टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले विदेशी गेंदबाज
जब बात ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैचों में सबसे ज्यादा बल्लेबाजों को पवेलियन भेजने की आती है, तो अंग्रेजी गेंदबाजों का दबदबा सबसे ऊपर नजर आता है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की सूची में इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड (Stuart Broad) का नाम शीर्ष पर है। उन्होंने कंगारू बल्लेबाजों के खिलाफ अपनी घातक गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए कुल 153 विकेट हासिल किए हैं।
ब्रॉड के बाद इस फेहरिस्त में दूसरे स्थान पर इंग्लैंड के एक और महान ऑलराउंडर इयान बॉथम (Ian Botham) का नाम आता है, जिन्होंने अपने शानदार करियर के दौरान ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 148 विकेट चटकाए थे। इसके अलावा वेस्टइंडीज के खूंखार तेज गेंदबाज कर्टनी वॉल्श (Courtney Walsh) ने 135 विकेट अपने नाम किए, जबकि न्यूजीलैंड के महान ऑलराउंडर रिचर्ड हैडली (Richard Hadlee) के नाम ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 130 विकेट दर्ज हैं। दुनिया भर के इन गेंदबाजों ने अपनी बेहतरीन गेंदबाजी से ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी क्रम को कई बार पूरी तरह ध्वस्त किया है।
इन दिग्गज गेंदबाजों ने भी पूरे किए टेस्ट में 100 से अधिक शिकार
इस प्रतिष्ठित सूची में दुनिया के कई अन्य महान तेज और स्पिन गेंदबाजों के नाम भी शामिल हैं। वेस्टइंडीज के दिग्गज तेज गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोस (Curtly Ambrose) और इंग्लैंड के बॉब विलिस (Bob Willis) ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 128-128 विकेट हासिल किए।
इंग्लैंड के ही आधुनिक युग के महान तेज गेंदबाज जेम्स एंडरसन (James Anderson) ने भी अपने लंबे करियर में कंगारुओं के खिलाफ 117 विकेट झटके। इन सभी गेंदबाजों ने यह साबित किया कि ऑस्ट्रेलिया की मजबूत पिचों पर लगातार अनुशासित गेंदबाजी करते हुए सफलता कैसे हासिल की जाती है।
भारत के दो दिग्गज: रविचंद्रन अश्विन और अनिल कुंबले का ऐतिहासिक रिकॉर्ड
भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए यह बेहद गौरव का क्षण है कि दुनिया के इन दिग्गजों के बीच भारत के दो सबसे बड़े स्पिन मैच-विनर भी शान से खड़े हैं। भारतीय गेंदबाजी की शान रहे अनिल कुंबले (Anil Kumble) और आधुनिक युग के मास्टर स्पिनर रविचंद्रन अश्विन (Ravichandran Ashwin) ने अपनी फिरकी के जादू से कंगारू बल्लेबाजों को उनकी ही जमीन और घर पर जमकर परेशान किया है।
-
रविचंद्रन अश्विन: अपनी कैरम बॉल और सटीक टर्न के लिए जाने जाने वाले आर. अश्विन ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में कुल 114 विकेट चटकाए हैं। साल 2023 में अश्विन ने अनिल कुंबले के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट विकेट लेने वाले भारतीय गेंदबाज बनने का गौरव हासिल किया था।
-
अनिल कुंबले: भारत के सबसे सफल लेग स्पिनर अनिल कुंबले ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट मैचों में अपनी फिरकी और उछाल का जलवा बिखेरते हुए 111 विकेट अपने नाम किए थे। कुंबले की आक्रामकता और लंबी स्पेल फेंकने की क्षमता ने हमेशा ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को रक्षात्मक होने पर मजबूर किया।
भारतीय स्पिन गेंदबाजी के लिए एक ऐतिहासिक और गर्व की उपलब्धि
टेस्ट क्रिकेट में किसी एक देश के खिलाफ लगातार विकेट चटकाना और लंबी अवधि तक अपनी फिटनेस व फॉर्म बरकरार रखना किसी भी खिलाड़ी के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं होता। इसके लिए अपार धैर्य, रणनीतिक सूझबूझ और असाधारण गेंदबाजी कौशल की आवश्यकता होती है। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत और आक्रामक टीम के खिलाफ 100 से ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की इस वैश्विक सूची में दो भारतीय दिग्गजों का शामिल होना भारतीय क्रिकेट के लिए एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। अनिल कुंबले और रविचंद्रन अश्विन ने अपने शानदार और प्रेरणादायक प्रदर्शन से यह साबित कर दिया है कि भारतीय स्पिनर्स विदेशों में भी मैच जिताने का दम रखते हैं।