केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल रहे फ्लॉप, संकट के समय देवदत्त पडिक्कल-साई सुदर्शन ने संभाला मोर्चा

केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल रहे फ्लॉप, संकट के समय देवदत्त पडिक्कल-साई सुदर्शन ने संभाला मोर्चा

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) और घरेलू क्रिकेट के गलियारों से इस वक्त एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। भारत ए और न्यूजीलैंड ए (India A vs New Zealand A Test Series) के बीच खेले जा रहे पहले अनऑफिशियल (आधिकारिक रूप से गैर-मान्यता प्राप्त) टेस्ट मैच में टीम इंडिया की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। कीवी टीम के गेंदबाजों के आगे भारतीय बल्लेबाजी क्रम बुरी तरह लड़खड़ा गया है, जिसके चलते अब टीम इंडिया पर शर्मनाक 'पारी की हार' (Innings Defeat) का गंभीर खतरा मंडराने लगा है। मैच के दूसरे दिन का खेल समाप्त होने तक भारतीय टीम पर अभी भी हार के बादल छाए हुए हैं, लेकिन ऐसे मुश्किल समय में दो युवा बल्लेबाजों ने क्रीज पर डटकर उम्मीद की किरण जगाई है। आइए विस्तार से जानते हैं कि इस रोमांचक और संघर्षपूर्ण मुकाबले में अब तक क्या-क्या हुआ है और टीम इंडिया इस संकट से कैसे उबर सकती है।

न्यूजीलैंड ए के खिलाफ पहली पारी में बुरी तरह फ्लॉप हुई भारतीय बल्लेबाजी

इस मुकाबले की शुरुआत से ही न्यूजीलैंड ए की टीम ने मैच पर अपनी मजबूत पकड़ बना रखी है। पहले बल्लेबाजी करते हुए न्यूजीलैंड ए की पूरी टीम ने अपनी पहली पारी में 317 रनों का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया था। इसके जवाब में जब भारतीय टीम मैदान पर उतरी, तो कीवी गेंदबाजों की घातक गेंदबाजी के सामने पूरी टीम ताश के पत्तों की तरह बिखर गई और महज 113 रनों पर ही सिमट गई।

इस तरह पहली पारी के आधार पर न्यूजीलैंड ए को 204 रनों की एक विशालकाय और मजबूत बढ़त हासिल हो गई। क्रिकेट के जानकारों का मानना है कि इतनी बड़ी बढ़त मिलने के बाद किसी भी विपक्षी टीम के लिए मैच में वापसी करना बेहद कठिन हो जाता है। भारत की पहली पारी के लचर प्रदर्शन ने यह साबित कर दिया कि विदेशी पिचों की उछाल और सीमिंग कंडीशंस में हमारे बल्लेबाजों को अभी और अधिक तकनीक सुधारने की जरूरत है।

केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल का फ्लॉप शो, टीम को शुरुआती झटके

इस मैच में टीम इंडिया की ओर से खेल रहे सीनियर और स्टार सलामी बल्लेबाज केएल राहुल (KL Rahul) और युवा सनसनी यशस्वी जायसवाल (Yashasvi Jaiswal) से एक बड़े स्कोर की उम्मीद थी, लेकिन दोनों ही बल्लेबाज पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुए।

पहली पारी में यशस्वी जायसवाल मात्र 17 रन बनाकर आउट हो गए थे, जबकि केएल राहुल अपना खाता तक नहीं खोल पाए थे और शून्य के स्कोर पर पवेलियन लौट गए थे। इसके बाद जब टीम इंडिया को अपनी दूसरी पारी की शुरुआत करनी पड़ी, तो इन दोनों से एक जिम्मेदार साझेदारी की उम्मीद थी, लेकिन निराशा फिर हाथ लगी। दूसरी पारी में भी राहुल और जायसवाल का बल्ला खामोश रहा; यशस्वी जायसवाल महज 5 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि केएल राहुल ने बेहद निराशाजनक प्रदर्शन करते हुए मात्र 4 रन बनाए और लापरवाही भरे अंदाज में 'हिट विकेट' होकर पवेलियन लौट गए। टीम का स्कोर जब महज 10 रन था, तब तक उसके दोनों सलामी बल्लेबाज आउट हो चुके थे, जिससे पूरी टीम गहरे संकट में फंस गई।

संकट के समय दीवार बनकर खड़े हुए देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन

जब शुरुआती झटकों के बाद भारत का स्कोर 10 रन पर 2 विकेट हो चुका था और पारी की हार का खतरा मंडरा रहा था, तब क्रीज पर आए देवदत्त पडिक्कल (Devdutt Padikkal) और साई सुदर्शन (Sai Sudharsan) ने अद्भुत संयम और तकनीकी कौशल का परिचय दिया। दोनों बल्लेबाजों ने बिना कोई और विकेट गंवाए टीम की पारी को बेहद सूझबूझ के साथ आगे बढ़ाया।

दूसरे दिन का खेल समाप्त होने (Stumps) तक भारत ने अपनी दूसरी पारी में 2 विकेट के नुकसान पर 106 रन बना लिए हैं। भारतीय टीम अभी भी न्यूजीलैंड के स्कोर से 98 रन पीछे है और पारी की हार को टालने के लिए उसे कम से कम 98 रन और बनाने होंगे। फिलहाल देवदत्त पडिक्कल 56 रन बनाकर शानदार अर्धशतक जड़ चुके हैं, जबकि साई सुदर्शन 39 रन बनाकर अपने अर्धशतक के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। इन दोनों बल्लेबाजों के बीच अब तक 96 रनों की बेहद महत्वपूर्ण और नाबाद साझेदारी हो चुकी है, जिसने टीम की उम्मीदों को जिंदा रखा है।

भारतीय टेस्ट टीम में नंबर-3 पोजीशन के लिए छिड़ी कड़ी जंग

क्रिकेट पंडितों के अनुसार, देवदत्त पडिक्कल और साई सुदर्शन के बीच इस समय भारतीय टेस्ट टीम में नंबर-3 बल्लेबाजी पोजीशन हासिल करने के लिए एक स्वस्थ और कड़ी प्रतिस्पर्धा (Competition) चल रही है। घरेलू क्रिकेट और इस प्रकार के अनऑफिशियल टेस्ट मैचों में दोनों का प्रदर्शन चयनकर्ताओं के लिए यह तय करने में अहम भूमिका निभाएगा कि आगामी मुख्य श्रृंखला में किसे मौका दिया जाना चाहिए।

भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुख्य सीनियर टीमों की 2 टेस्ट मैचों की आधिकारिक सीरीज आगामी 19 नवंबर से शुरू होने वाली है। उससे ठीक पहले इंडिया ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेली जा रही यह 3 मैचों की अनऑफिशियल टेस्ट सीरीज युवा खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का सबसे बड़ा मंच है। इस मैच की गेंदबाजी में इससे पहले तेज गेंदबाज आकिब नबी और अंशुल कंबोज ने काफी प्रभावित किया था, जिन्होंने पहली पारी में 3-3 विकेट चटकाए थे। अब देखना यह होगा कि तीसरे दिन पडिक्कल और सुदर्शन इस साझेदारी को कहां तक ले जाते हैं और क्या टीम इंडिया इस मुकाबले में हार टालने में सफल हो पाती है या नहीं।