बुमराह की गैरमौजूदगी में यह घातक गेंदबाज बन सकता है भारत का ‘एक्स फैक्टर’, श्रीलंका के पूर्व दिग्गज की बड़ी भविष्यवाणी
भारत और श्रीलंका के बीच आगामी शनिवार से गॉल (Galle) के मैदान पर शुरू होने वाली रोमांचक दो मैचों की टेस्ट सीरीज से पहले क्रिकेट गलियारों में चर्चाएं तेज हो गईं हैं। स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के चोट के कारण इस सीरीज से बाहर रहने के बाद भारतीय गेंदबाजी आक्रमण को लेकर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। इसी बीच, श्रीलंका के पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर फरवीज महरूफ ने एक बड़ा बयान देते हुए युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ को टीम इंडिया का संभावित 'एक्स फैक्टर' यानी तुरुप का इक्का करार दिया है। महरूफ का मानना है कि बुमराह की कमी खल जरूर, लेकिन गुरनूर अपनी रफ्तार और उछाल से मैच का पासा पलट सकते हैं।
बुमराह की अनुपस्थिति से भारतीय गेंदबाजी पर पड़ेगा असर
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज में 0-2 से हार का सामना करने के बाद आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में भारत फिलहाल पांचवें स्थान पर फिसल गया है। ऐसे में श्रीलंका के खिलाफ यह सीरीज टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो गई है। टीम इस बार अपने सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के बिना मैदान पर उतरेगी।
'सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क' द्वारा आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पीटीआई के सवाल का जवाब देते हुए फरवीज महरूफ ने कहा कि जसप्रीत बुमराह जिस तरह पुरानी गेंद से रिवर्स स्विंग कराने में माहिर हैं, वह भारत के लिए सबसे बड़ा हथियार रहा है। उनकी गैरमौजूदगी निश्चित रूप से टीम को खलेगी। उन्होंने कहा कि मोहम्मद सिराज बेशक एक शानदार गेंदबाज हैं, लेकिन बुमराह की कमी को पूरी तरह भरना आसान नहीं होगा।
क्यों गुरनूर बराड़ को मिलना चाहिए प्लेइंग इलेवन में मौका?
श्रीलंकाई पूर्व ऑलराउंडर ने 26 साल के युवा तेज गेंदबाज गुरनूर बराड़ की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि बराड़ का लंबा कद, पिच से मिलने वाला अतिरिक्त उछाल, तेज रफ्तार और उनका आक्रामक रवैया उन्हें भारत के लिए एक परफेक्ट 'एक्स फैक्टर' बनाता है। महरूफ ने खुलासा किया कि अभ्यास मैचों के दौरान गुरनूर ने भारतीय टेस्ट टीम के कई दिग्गज बल्लेबाजों को अपनी बाउंसरों और गति से असहज किया था, यहां तक कि कुछ बल्लेबाजों के शरीर पर गेंद भी लगी थी।
महरूफ का यह भी मानना है कि यदि वह भारतीय टीम प्रबंधन का हिस्सा होते, तो वह निश्चित रूप से गुरनूर बराड़ को टेस्ट पदार्पण (Test Debut) का मौका देने पर विचार करते। भले ही इस युवा गेंदबाज ने अभी तक भारत के लिए केवल सीमित ओवरों का क्रिकेट खेला हो, लेकिन छोटे-छोटे और आक्रामक स्पेल में गेंदबाजी करके वह विपक्षी बल्लेबाजों की लय बिगाड़ने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।
स्पिन विभाग और गॉल की पिचों को लेकर भी रखी राय
तेज गेंदबाजी के अलावा महरूफ ने स्पिन डिपार्टमेंट पर भी खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि भारत को अनुभवी रविचंद्रन अश्विन और चोटिल ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की कमी भी महसूस होगी, क्योंकि श्रीलंका की पिचों पर स्पिनरों को केवल टर्न ही नहीं बल्कि अतिरिक्त उछाल भी मिलती है।
संभावित प्लेइंग इलेवन को लेकर उन्होंने सुझाव दिया कि रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव का खेलना लगभग तय है, जबकि तीसरे स्पिनर के रूप में बाएं हाथ के स्पिनर मानव सुथार को मौका दिया जाना चाहिए। महरूफ के अनुसार, गॉल की परिस्थितियों में मानव सुथार की अतिरिक्त उछाल हासिल करने की काबिलियत टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित हो सकती है। कुल मिलाकर, भारत दो तेज गेंदबाजों और तीन स्पिनरों के संतुलित संयोजन के साथ मैदान पर उतर सकता है।