नॉकआउट से पहले जर्मनी का आखिरी वार: इक्वाडोर के खिलाफ उतरेगी पूर्व चैंपियन, जापान-स्वीडन के बीच आर-पार की जंग

नॉकआउट से पहले जर्मनी का आखिरी वार: इक्वाडोर के खिलाफ उतरेगी पूर्व चैंपियन, जापान-स्वीडन के बीच आर-पार की जंग

FIFA World Cup 2026 का रोमांच अपने चरम पर है। 2018 और 2022 की मायूसी को पीछे छोड़ते हुए 2014 की चैंपियन जर्मनी इस बार पूरी तरह से लय में नजर आ रही है। ग्रुप-ई में शानदार प्रदर्शन करते हुए नॉकआउट में अपनी जगह पक्की कर चुकी जर्मन टीम अब ग्रुप स्टेज के अपने आखिरी मुकाबले में गुरुवार रात न्यू जर्सी स्टेडियम में इक्वाडोर का सामना करेगी। जर्मन टीम का इरादा इस जीत के साथ नॉकआउट दौर में एक मजबूत संदेश भेजने का है। स्टार खिलाड़ी डेनिज उंडव, जो अब तक तीन गोल और दो असिस्ट कर चुके हैं, इक्वाडोर के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित होंगे। दूसरी ओर, इक्वाडोर के लिए यह मैच अपनी साख बचाने की अंतिम कोशिश होगी।

मेजबान अमेरिका का मिशन 'लय' बरकरार रखना

ग्रुप-डी से नॉकआउट में जगह बना चुकी सह-मेजबान अमेरिका की टीम अब अपने अंतिम लीग मैच में तुर्किये के सामने होगी। लास एंजिल्स में होने वाले इस मुकाबले में कोच के लिए चिंता का विषय टीम के चार मुख्य खिलाड़ियों का येलो कार्ड सस्पेंशन है। हालांकि, फैंस के लिए राहत की बात यह है कि स्टार खिलाड़ी पुलिसिक अपनी पिंडली की चोट से उबर चुके हैं और उन्होंने ट्रेनिंग फिर से शुरू कर दी है। टीम का एकमात्र लक्ष्य इस मैच को जीतकर नॉकआउट से पहले अपनी लय और आत्मविश्वास को बनाए रखना है।

जापान बनाम स्वीडन: अंतिम-32 का टिकट किसके नाम?

ग्रुप-एफ का मुकाबला सबसे रोमांचक होने वाला है, जहां जापान और स्वीडन की टीमें नॉकआउट का टिकट पाने के लिए आमने-सामने होंगी। टेक्सास में होने वाले इस मैच में जापान की पूरी रणनीति स्वीडन के घातक स्ट्राइकर्स अलेक्जेंडर इसाक और विक्टर ग्योकेरेस को रोकने पर होगी। स्वीडन जहां ट्यूनीशिया पर 5-1 की बड़ी जीत के बाद उत्साहित है, वहीं नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-5 की करारी हार ने उनकी कमजोरियों को उजागर किया है। जापान का संयमित खेल इस मुकाबले को बेहद कांटेदार बना रहा है।

नॉकआउट की रेस में अन्य टीमें

  • ऑस्ट्रेलिया बनाम परग्वे (ग्रुप-डी): सैन फ्रांसिस्को में होने वाला यह मुकाबला नॉकआउट के लिहाज से निर्णायक है। तुर्किये पर जीत और अमेरिका से हार के बाद दोनों टीमों के पास समान मौके हैं।

  • आइवरी कोस्ट बनाम कुराकाओ (ग्रुप-ई): आइवरी कोस्ट इस मैच को जीतकर जर्मनी के बाद ग्रुप से नॉकआउट में पहुंचने वाली दूसरी टीम बनने की औपचारिकता पूरी करना चाहेगी।

  • नीदरलैंड्स बनाम ट्यूनीशिया (ग्रुप-एफ): स्वीडन को 5-1 से रौंदकर आ रही डच टीम के लिए ट्यूनीशिया को हराना नॉकआउट की राह आसान कर देगा। डच टीम पूरे आत्मविश्वास के साथ नॉकआउट में प्रवेश करने की कोशिश में है।

 

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