'आएगा तो भी फर्क नहीं पड़ेगा...' यशस्वी जायसवाल पर अजिंक्य रहाणे के इस बयान ने मचाई हलचल

'आएगा तो भी फर्क नहीं पड़ेगा...' यशस्वी जायसवाल पर अजिंक्य रहाणे के इस बयान ने मचाई हलचल

भारत और वेस्टइंडीज के बीच खेली जा रही तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज में भारतीय टीम ने शुरुआती दोनों मुकाबले जीतकर पहले ही 2-0 से अजेय बढ़त हासिल कर ली है और सीरीज अपने नाम कर ली है। अब दोनों टीमों के बीच इस सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला आगामी 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ के मैदान पर खेला जाना है। सीरीज पर कब्जा जमाने के बाद अब क्रिकेट गलियारों में इस बात की सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है कि क्या अंतिम एकादश (Playing XI) में युवा सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल को तीसरे वनडे में खेलने का मौका मिलेगा या नहीं। इसी बीच, पूर्व भारतीय टेस्ट उपकप्तान और अनुभवी बल्लेबाज अजिंक्य रहाणे ने यशस्वी जायसवाल को लेकर एक ऐसा बयान दिया है, जिसने खेल प्रेमियों और क्रिकेट पंडितों के बीच एक नई बहस छेड़ दी है।

अजिंक्य रहाणे की प्लेइंग इलेवन को लेकर राय

अजिंक्य रहाणे का मानना है कि भारत को सीरीज के इस आखिरी मुकाबले में अपनी टीम में एक-दो रणनीतिक बदलाव जरूर करने चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को टीम में वापस लाया जाना चाहिए। इसके अलावा, रहाणे युवा ऑलराउंडर नितीश कुमार रेड्डी को भी एक और मैच में मैदान पर उतरते हुए देखना चाहते हैं। उनका तर्क है कि यदि टीम प्रबंधन नितीश कुमार रेड्डी को साल 2027 के आगामी वनडे विश्व कप (2027 World Cup) की अपनी दीर्घकालिक योजनाओं में शामिल कर रहा है, तो उन्हें अधिक से अधिक मौके दिए जाने बेहद आवश्यक हैं।

जायसवाल को लेकर रहाणे का बड़ा बयान

जब यशस्वी जायसवाल को लेकर रहाणे से सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि अगर जायसवाल को तीसरे वनडे में प्लेइंग इलेवन में शामिल नहीं भी किया जाता है, तो भी टीम की सेहत पर कोई खास फर्क नहीं पड़ेगा। उन्होंने इसके पीछे का कारण बताते हुए स्पष्ट किया कि भारत की बल्लेबाजी क्रम पहले से ही काफी मजबूत और अच्छी तरह से सेट है। ऐसे में टीम को प्लेइंग इलेवन में किसी एक अतिरिक्त बल्लेबाज को खिलाने के बजाय ऑलराउंडर की भूमिका को और अधिक स्पष्ट और फिक्स करने पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

घरेलू क्रिकेट और हालिया फॉर्म

गौरतलब है कि यशस्वी जायसवाल को वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली जा रही इस मौजूदा वनडे सीरीज के पहले दोनों मुकाबलों में अंतिम एकादश में खेलने का मौका नहीं मिला था। हालांकि, वनडे फॉर्मेट में उनका व्यक्तिगत रिकॉर्ड बेहद शानदार रहा है। उन्होंने अपने अब तक के छोटे से करियर में 6 वनडे मैचों में कुल 285 रन बनाए हैं, जिसमें दो शानदार शतक भी शामिल हैं और उनका औसत 71.25 का रहा है। इसके बावजूद टीम संयोजन को देखते हुए उनके चयन को लेकर चर्चाएं गर्म हैं।

नितीश कुमार रेड्डी और मोहम्मद सिराज पर रहेंगी नजरें

नितीश कुमार रेड्डी एक ऐसे खिलाड़ी हैं जो अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के साथ-साथ उपयोगी तेज गेंदबाजी करने की भी क्षमता रखते हैं। हालांकि उन्हें सीरीज के पहले वनडे में खेलने का मौका मिला था, लेकिन उन्हें बल्लेबाजी करने का अवसर नहीं मिला और गेंदबाजी में भी वह कोई खास बड़ा प्रभाव छोड़ने में असफल रहे थे। ऐसे में, यदि उन्हें तीसरे मैच में फिर से आजमाया जाता है, तो टीम मैनेजमेंट उनकी वास्तविक भूमिका को और बेहतर तरीके से समझ सकेगा।

दूसरी ओर, अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज को सीरीज के शुरुआती दोनों मैचों में विश्राम दिया गया था और उन्हें खेलने का मौका नहीं मिला था। चूंकि भारतीय टीम पहले ही सीरीज जीत चुकी है, इसलिए यह पूरी संभावना है कि आखिरी मुकाबले में कुछ बेंच स्ट्रेंथ के खिलाड़ियों को परखने के लिए बदलाव किए जाएं।