संजू सैमसन को बलि का बकरा मत बनाओ! दिग्गज क्रिकेटर का तीखा बयान
भारतीय क्रिकेट टीम के चयन और प्लेइंग इलेवन की रणनीतियों को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया से लेकर खेल के गलियारों तक घमासान मचा हुआ है। हाल ही में टीम इंडिया के स्क्वाड और कॉम्बिनेशन को लेकर एक जाने-माने पूर्व दिग्गज खिलाड़ी ने ऐसा बयान दिया है जिसने चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की नींद उड़ा दी है। इस दिग्गज ने खुले तौर पर कहा है कि युवा और प्रतिभाशाली विकेटकीपर-बल्लेबाज संजू सैमसन (Sanju Samson) को लगातार टीम से बाहर रखकर उनका करियर बर्बाद किया जा रहा है और उन्हें बिना वजह हर बार बलि का बकरा बनाया जाता है। उन्होंने भारतीय टीम मैनेजमेंट को नसीहत देते हुए यहां तक कह दिया है कि अगर युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) को प्लेइंग इलेवन में शामिल करना ही है, तो इसके लिए संजू सैमसन के बजाय ओपनर अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) को ड्रॉप किया जाना चाहिए। इस तीखे बयान के सामने आने के बाद से भारतीय क्रिकेट फैंस और क्रिकेट पंडितों के बीच एक बार फिर से इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या टीम में खिलाड़ियों के चयन के साथ न्याय हो रहा है या फिर सीनियर खिलाड़ियों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। आइए जानते हैं इस पूरे विवाद और दिग्गज क्रिकेटर के इस चौंकाने वाले बयान की पूरी कहानी।
संजू सैमसन के साथ लगातार हो रहे न्याय पर उठे सवाल, क्यों हर बार वही बनते हैं निशाना?
संजू सैमसन भारतीय क्रिकेट के उन बदनसीब खिलाड़ियों में से एक माने जाते हैं जिन्हें अपनी काबिलियत साबित करने के बावजूद लगातार लंबे मौके नहीं मिल पाते। जब भी टीम इंडिया में बदलाव का दौर आता है, सबसे पहले संजू सैमसन को ही प्लेइंग इलेवन से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है। इस सीनियर दिग्गज ने अपनी प्रतिक्रिया में साफ कहा कि संजू एक मैच विनर खिलाड़ी हैं जो ऊपरी क्रम से लेकर मध्यक्रम तक किसी भी पोजीशन पर तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं। इसके बावजूद उन्हें कभी बेंच पर बैठा दिया जाता है तो कभी सीरीज के बीच से ड्रॉप कर दिया जाता है। पूर्व खिलाड़ी ने तंज कसते हुए कहा कि ऐसा लगता है जैसे हर नाकामी या कॉम्बिनेशन के बदलाव का ठीकरा सिर्फ और सिर्फ संजू सैमसन के सिर पर फोड़ा जाता है, जो पूरी तरह से अनुचित और क्रिकेट के खेल के साथ अन्याय है।
वैभव सूर्यवंशी के चयन पर गरमाई सियासत, अभिषेक शर्मा के प्रदर्शन पर उठ रहे हैं गंभीर सवाल
दूसरी तरफ, घरेलू क्रिकेट और अंडर-19 स्तर पर तहलका मचाने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी चर्चाएं जोरों पर हैं। कम उम्र में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से पूरी दुनिया का ध्यान खींचने वाले वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टीम में शामिल किए जाने की मांग लगातार उठ रही है। इसी संदर्भ में दिग्गज खिलाड़ी ने राय रखी कि यदि चयनकर्ताओं को वैभव को प्लेइंग इलेवन में आजमाना ही है, तो उसके लिए किसी दूसरे खिलाड़ी की कुर्बानी दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि हालिया मुकाबलों में ओपनर अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक स्थिर नहीं रहा है और वे लगातार बड़े शॉट खेलने के चक्कर में अपना विकेट जल्दी गंवा रहे हैं। ऐसे में यदि टीम कॉम्बिनेशन में बदलाव करना जरूरी है, तो अभिषेक शर्मा को कुछ समय के लिए बाहर बिठाकर वैभव सूर्यवंशी को मौका देना समझदारी भरा कदम होगा, न कि संजू सैमसन की बलि देना।
टीम मैनेजमेंट और गौतम गंभीर की रणनीतियों पर टिकी निगाहें, क्या होगा अगला बड़ा फैसला?
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर और कप्तान की जोड़ी अक्सर अपनी आक्रामक और साहसिक फैसलों के लिए जानी जाती है। ऐसे में इस पूर्व दिग्गज के इस खुले बयान के बाद टीम मैनेजमेंट पर दबाव और अधिक बढ़ गया है। आगामी सीरीज और महत्वपूर्ण दौरों को ध्यान में रखते हुए यह तय करना बेहद जरूरी है कि प्लेइंग इलेवन का संतुलन कैसे बैठाया जाए। एक तरफ जहां युवा खिलाड़ियों को तराशने की होड़ मची है, वहीं दूसरी तरफ संजू सैमसन जैसे अनुभवी और प्रतिभावान खिलाड़ी की अनदेखी टीम के भीतर असंतोष का कारण बन सकती है। फैंस सोशल मीडिया पर खुलकर संजू के समर्थन में उतर आए हैं और मांग कर रहे हैं कि उन्हें लगातार पर्याप्त मौके मिलने चाहिए। आने वाले दिनों में चयनकर्ताओं का रुख क्या रहता है, यह देखना बेहद दिलचस्प होगा।