Solar Eclipse 2026: 15 दिन के अंदर दो-दो ग्रहण, सूर्य और चंद्रमा पर मंडराएगा संकट, इन राशियों पर गिरेगी गाज

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News India Live, Digital Desk: 2026 का साल शुरू हो चुका है (आज 4 जनवरी है), और साल की शुरुआत में ही ज्योतिष की दुनिया से एक बड़ी खबर आ रही है। अगर आप पूजा-पाठ, ज्योतिष या खगोलीय घटनाओं में थोड़ी भी रुचि रखते हैं, तो आपको सतर्क हो जाना चाहिए। अगले महीने यानी फरवरी और उसके ठीक बाद मार्च में ग्रहण (Eclipse) का योग बन रहा है।

सबसे खास बात ये है कि एक तरफ 'दिन के राजा' यानी सूर्य देवता और दूसरी तरफ 'रात की रानी' यानी चंद्रमा, दोनों पर ग्रहण लगने वाला है। और जब 15 दिन के अंतराल पर दो ग्रहण पड़ते हैं, तो ज्योतिषी इसे काफी संवेदनशील मानते हैं।

1. साल का पहला सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) - 17 फरवरी 2026
सबसे पहले बात करते हैं सूर्य ग्रहण की। पंचांग के अनुसार, साल का पहला सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026 को लगने जा रहा है। अमावस्या के दिन लगने वाला यह ग्रहण ज्योतिषीय नजरिए से बहुत महत्वपूर्ण है।

  • क्या भारत में दिखेगा? सबसे बड़ा सवाल यही होता है—सूतक लगेगा या नहीं? आपको बता दें कि यह 'कंकणाकृति' (Annular) सूर्य ग्रहण होगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इसके भारत में दिखाई देने की संभावना न के बराबर है। जब ग्रहण दिखता नहीं है, तो आमतौर पर सूतक काल (Sutak Kaal) के कड़े नियम भारत में मान्य नहीं होते। लेकिन, गर्भवती महिलाओं को फिर भी थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

2. साल का पहला चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) - 3 मार्च 2026
सूर्य ग्रहण के ठीक 15 दिन बाद, यानी फाल्गुन पूर्णिमा के आसपास, 3 मार्च 2026 को साल का पहला चंद्र ग्रहण लगेगा।

  • इसका क्या असर होगा? पूर्ण चंद्र ग्रहण हमेशा मन और भावनाओं पर असर डालता है। हालाँकि, इसकी दृश्यता (Visibility) को लेकर अभी स्पष्टता का इंतजार है, लेकिन ज्योतिष के हिसाब से यह समय मानसिक तनाव बढ़ा सकता है।

किन राशियों को रहना होगा संभलकर?
जब भी ग्रहण लगता है, तो राहु और केतु सक्रिय हो जाते हैं। ज्योतिष आचार्यों का कहना है कि ये दोनों ग्रहण कुछ विशेष राशियों के जीवन में उथल-पुथल मचा सकते हैं:

  • मेष और वृषभ: बेवजह के खर्च और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कते आ सकती हैं।
  • कन्या: आपको अपनी वाणी (बोली) पर लगाम लगानी होगी, वरना बना-बनाया काम बिगड़ सकता है।
  • मकर: काम का बोझ बढ़ेगा और तनाव हो सकता है।

वहीं, मिथुन और तुला राशि वालों के लिए यह ग्रहण अप्रत्याशित लाभ भी ला सकता है।

क्या करें, क्या न करें?
भले ही ग्रहण भारत में दिखे या न दिखे, उस दौरान नकारात्मक काम न करें। बहस से बचें, गरीबों को दान दें और जितना हो सके भगवान का नाम लें। ग्रहण का समय साधना और मंत्र जाप के लिए सबसे अच्छा माना जाता है।

तो बस, अभी से अपनी प्लानिंग कर लीजिए। घबराने की जरूरत नहीं है, बस थोड़ी सावधानी ही बचाव है!