Sohaib Khan's Heroics : जामिया की मिट्टी और धोनी के मंत्र ने पलटी बाजी सोहैब खान ने कैसे कोटला में कनाडा के जबड़े से छीनी जीत?

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News India Live, Digital Desk: क्रिकेट के मैदान पर अक्सर ऐसी कहानियाँ जन्म लेती हैं जो सीमाओं को लांघ जाती हैं। दिल्ली के कोटला (Arun Jaitley Stadium) में खेले गए मुकाबले में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की टीम एक समय कनाडा के खिलाफ हार की कगार पर खड़ी थी। तभी जामिया मिल्लिया इस्लामिया से ताल्लुक रखने वाले और दिल्ली की गलियों में क्रिकेट सीखे सोहैब खान ने एक ऐसी पारी खेली, जिसने न केवल मैच जिताया बल्कि एमएस धोनी (MS Dhoni) के उस पुराने गुरुमंत्र की याद दिला दी जो उन्होंने सोहैब को सालों पहले दिया था।

जामिया से दुबई तक का सफर: जड़ों की ताकत

सोहैब खान के लिए कोटला का मैदान कोई अनजान जगह नहीं थी। दिल्ली में पले-बढ़े सोहैब ने जामिया मिल्लिया इस्लामिया की टीम से अपनी क्रिकेटिंग स्किल्स को निखारा है।

होम एडवांटेज: सोहैब ने बताया कि दिल्ली की पिच और परिस्थितियों की उनकी पुरानी समझ ने उन्हें कनाडा के गेंदबाजों को पढ़ने में मदद की।

इमोशनल कनेक्ट: जिस मैदान पर कभी स्टैंड्स में बैठकर मैच देखा था, वहीं आज अपनी टीम के लिए 'संकटमोचक' बनना उनके लिए किसी सपने से कम नहीं था।

धोनी के उन शब्दों ने बदल दिया खेल

मैच के बाद सोहैब ने खुलासा किया कि जब वह दबाव में थे, तो उन्हें पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की एक सलाह याद आई।"धोनी भाई ने एक बार मुझसे कहा था कि मैच को अंत तक ले जाओ, दबाव गेंदबाज पर डालो, खुद पर नहीं। बस वही बात मेरे दिमाग में घूम रही थी।"

सोहैब ने क्रीज पर शांत रहकर आखिरी ओवरों में चौकों और छक्कों की झड़ी लगा दी और कनाडा के हाथ से जीत छीन ली।

मैच का टर्निंग पॉइंट

कनाडा ने पहले बल्लेबाजी करते हुए एक चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया था। यूएई के टॉप ऑर्डर के लड़खड़ाने के बाद:

सोहैब की साझेदारी: निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ मिलकर सोहैब ने छोटी लेकिन महत्वपूर्ण साझेदारियां कीं।

फिनिशर का अवतार: आखिरी 3 ओवरों में जब रन रेट 10 के पार था, सोहैब ने गियर बदला और धोनी के अंदाज में मैच फिनिश किया।