Social Media Age Limit: बच्चों के लिए बंद हो जाएगा इंस्टाग्राम-यूट्यूब? ऑस्ट्रेलिया की तर्ज पर भारत में भी उम्र की पाबंदी की तैयारी, अश्विनी वैष्णव का बड़ा बयान

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नई दिल्ली। क्या भारत में अब 16 साल से कम उम्र के बच्चे सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे? केंद्र सरकार अब बच्चों और किशोरों की डिजिटल सुरक्षा को लेकर आर-पार के मूड में नजर आ रही है। दिल्ली के भारत मंडपम में चल रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' के दौरान केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने पुष्टि की है कि भारत सरकार अब ऑस्ट्रेलिया की तरह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उम्र आधारित प्रतिबंध (Age-Based Restrictions) लगाने पर गंभीरता से विचार कर रही है।

डीपफेक और 'डिजिटल अरेस्ट' के खतरों के बीच बड़ा फैसला

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया कि सोशल मीडिया अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं रहा, बल्कि इसके साथ कई गंभीर खतरे भी जुड़ गए हैं।

क्यों जरूरी है पाबंदी: पिछले कुछ समय में बच्चों के साथ डीपफेक, 'डिजिटल अरेस्ट' और ऑनलाइन ब्लैकमेलिंग जैसी घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है।

वैश्विक ट्रेंड: मंत्री ने कहा कि दुनिया के कई विकसित देशों ने अब यह मान लिया है कि सोशल मीडिया के लिए आयु सीमा तय करना समय की मांग है। सरकार वर्तमान में विभिन्न टेक कंपनियों के साथ बातचीत कर रही है ताकि इन नियमों को लागू करने का 'प्रभावी और फूलप्रूफ' तरीका निकाला जा सके।

ऑस्ट्रेलिया बना प्रेरणा: इन देशों में पहले से हैं कड़े नियम

भारत का यह कदम उन देशों की कतार में शामिल होने की कोशिश है जिन्होंने अपने बच्चों के भविष्य के लिए कड़े कानून बनाए हैं:

ऑस्ट्रेलिया: दिसंबर 2025 में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पूरी तरह बैन करने वाला दुनिया का पहला देश बना।

स्पेन और डेनमार्क: स्पेन ने 16 साल और डेनमार्क ने 15 साल की आयु सीमा तय करने के प्रस्तावों को हाल ही में मंजूरी दी है।

ब्रिटेन: यूके ने भी बच्चों की 'डिजिटल सेफ्टी' को लेकर हाल ही में नए और सख्त नियमों की घोषणा की है।

टेक दिग्गजों की बढ़ेगी टेंशन: मेटा और गूगल पर होगा असर

भारत दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल मार्केट है। यहाँ मेटा (फेसबुक, इंस्टाग्राम) और यूट्यूब के सबसे ज्यादा यूजर्स हैं।

बड़ा यूजर बेस: अगर 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर पाबंदी लगती है, तो इन कंपनियों के यूजर बेस और विज्ञापनों से होने वाली कमाई पर सीधा और बड़ा असर पड़ेगा।

कठोर रेगुलेशन: केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि यद्यपि वे किसी विशेष कंपनी को निशाना नहीं बना रहे हैं, लेकिन सुरक्षा और रेगुलेशन के मामले में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

कैसे लागू होगा यह नियम?

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में इसे लागू करना एक बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए 'एज वेरिफिकेशन टेक्नोलॉजी' (Age Verification Technology) का सहारा लिया जा सकता है, जिसमें आधार या किसी अन्य सरकारी दस्तावेज के जरिए उम्र की पुष्टि अनिवार्य हो सकती है। सरकार यह भी देख रही है कि इस प्रक्रिया में यूजर्स की प्राइवेसी (निजता) का उल्लंघन न हो।