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March 26 2026 11:18 am

Sikhiya Kranti 2.0 : पंजाब के सरकारी स्कूलों के लिए 3500 करोड़ का मेगा प्लान वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस रचेंगे नया इतिहास

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News India Live, Digital Desk :  पंजाब की शिक्षा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भगवंत मान सरकार ने 'शिक्षा क्रांति 2.0' (Sikhiya Kranti 2.0) के लॉन्च की घोषणा की है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 3500 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। खास बात यह है कि यह प्रोजेक्ट वर्ल्ड बैंक (World Bank) के सहयोग से संचालित होगा, जो पंजाब की शिक्षा नीतियों पर वैश्विक विश्वास को दर्शाता है।

6 साल का रोडमैप और वर्ल्ड बैंक का साथ

यह परियोजना अगले 6 वर्षों के लिए तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता में संरचनात्मक सुधार (Structural Reform) करना है।

बजट की ताकत: पंजाब बजट 2026-27 में शिक्षा क्षेत्र के लिए रिकॉर्ड 19,279 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

वैश्विक मानक: वर्ल्ड बैंक के तकनीकी और वित्तीय सहयोग से पंजाब के छात्र अब दुनिया भर के टॉप संस्थानों के छात्रों से मुकाबला कर सकेंगे।

शिक्षा क्रांति 2.0 के 5 मुख्य स्तंभ (Key Pillars):

फाउंडेशनल लिटरेसी: बच्चों की शुरुआती पढ़ाई (बुनियादी साक्षरता) को मजबूत करना ताकि भविष्य की नींव ठोस हो।

शिक्षकों का सशक्तिकरण: शिक्षकों को आधुनिक ट्रेनिंग और विदेशों में प्रशिक्षण दिलाने की प्रक्रिया को और तेज किया जाएगा।

डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर: स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, आधुनिक कंप्यूटर लैब्स और हाई-स्पीड इंटरनेट की सुविधा।

करियर काउंसलिंग: कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए राज्यव्यापी करियर काउंसलिंग फ्रेमवर्क तैयार करना।

गवर्नेंस में सुधार: शिक्षा विभाग के कामकाज को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाना।

400 करोड़ का 'डिजिटलाइजेशन' प्रोजेक्ट भी शुरू

हरजोत बैंस ने बताया कि इस क्रांति के हिस्से के रूप में 400 करोड़ रुपये केवल स्कूलों को डिजिटल बनाने पर खर्च किए जा रहे हैं।

38,649 नए डेस्कटॉप कंप्यूटर 5,012 स्कूलों में लगाए जा रहे हैं।

8,268 इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल (Smart Panels) से क्लासरूम को लैस किया जा रहा है, ताकि चौक-बोर्ड की जगह 'स्मार्ट लर्निंग' ले सके।

शिक्षा मंत्री ने गर्व से साझा किया कि पंजाब के सरकारी स्कूलों के 305 छात्रों ने पहले ही प्रयास में JEE Mains पास कर यह साबित कर दिया है कि सरकारी स्कूलों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। सरकार का लक्ष्य है कि पंजाब का हर बच्चा 'स्कूल ऑफ एमिनेंस' जैसी विश्व स्तरीय सुविधाओं का लाभ उठा सके।