शुभमन गिल टेबल फैन जैसे हैं, पूर्व भारतीय खिलाड़ी ने टीम इंडिया की बताई बड़ी कमजोरी
News India Live, Digital Desk: जब भी भारतीय क्रिकेट टीम मैदान पर उतरती है, तो करोड़ों फैंस की उम्मीदें कुछ खास खिलाड़ियों पर टिकी होती हैं. विराट कोहली के बल्ले से शतक निकलेगा, जसप्रीत बुमराह अपनी यॉर्कर से विकेट उखाड़ेंगे और शुभमन गिल अपनी क्लासिक बल्लेबाजी से सबका दिल जीतेंगे. लेकिन क्या यह टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत है या फिर सबसे बड़ी कमजोरी? भारत के पूर्व क्रिकेटर और कमेंटेटर, कृष्णमाचारी श्रीकांत का मानना है कि यह भारत के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है.
श्रीकांत, जो अपने बेबाक अंदाज के लिए जाने जाते हैं, ने टीम इंडिया के युवा सितारे शुभमन गिल की तकनीक पर एक बड़ा और हैरान करने वाला बयान दिया है. उन्होंने गिल की तुलना एक 'टेबल फैन' से की है.
क्या मतलब है 'टेबल फैन' का?
यह सुनकर आपको थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन श्रीकांत ने यह बात गिल की एक तकनीकी कमजोरी को उजागर करने के लिए कही. उनका कहना था, "शुभमन गिल एक टेबल फैन की तरह हैं, जो सिर्फ एक ही तरफ घूमता है."
क्रिकेट की भाषा में इसका मतलब यह है कि गिल ज्यादातर अपने शॉट ऑफ-साइड (कवर ड्राइव, स्क्वायर कट) पर ही खेलते हैं. उनके रन बनाने का बड़ा हिस्सा मैदान के एक ही तरफ से आता है. श्रीकांत का मानना है कि एक टॉप क्लास बल्लेबाज को मैदान के चारों ओर रन बनाने में माहिर होना चाहिए. उन्हें अपनी बल्लेबाजी में और विविधता लानी होगी, खासकर ऑन-साइड (फ्लिक, पुल शॉट) पर और ज्यादा शॉट खेलने होंगे.
श्रीकांत ने कहा, "वह एक शानदार खिलाड़ी है, लेकिन उसे अपनी बल्लेबाजी पर और काम करना होगा. वह सिर्फ ऑफ-साइड पर खेलकर हमेशा सफल नहीं हो सकता. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदबाज बहुत चालाक होते हैं, वे आपकी कमजोरी को तुरंत पकड़ लेते हैं."
"सिर्फ कुछ खिलाड़ियों पर बहुत ज्यादा निर्भर है टीम"
गिल के अलावा, श्रीकांत ने पूरी भारतीय टीम की रणनीति पर भी सवाल उठाए. उनका मानना है कि टीम इंडिया कुछ गिने-चुने खिलाड़ियों पर बहुत ज्यादा निर्भर (over-reliant) हो गई है.
उन्होंने कहा, "हमारी टीम बहुत ज्यादा विराट कोहली और जसप्रीत बुमराह पर डिपेंड करती है. हमें लगता है कि कोहली आकर रन बना देंगे और बुमराह आकर विकेट ले लेंगे, और हम मैच जीत जाएंगे. लेकिन क्रिकेट एक टीम गेम है. क्या होगा अगर किसी दिन ये दोनों खिलाड़ी प्रदर्शन नहीं कर पाए? तब कौन मैच जिताएगा?"
श्रीकांत की यह बात एक बड़ी चेतावनी की तरह है. उनका मानना है कि मैच जीतने के लिए पूरी टीम को एक यूनिट के तौर पर प्रदर्शन करना होगा. सिर्फ 2-3 खिलाड़ियों के भरोसे बड़े टूर्नामेंट जीतना बहुत मुश्किल है.