Shriya Saran Shocking Reveal : नकुल मेहता की पत्नी प्रेग्नेंट थीं, और मैं डिप्रेशन से लड़ रही थी जानिये अंदर की बात

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News India Live, Digital Desk : जब हम इंस्टाग्राम पर किसी सेलिब्रिटी मां की तस्वीरें देखते हैं, तो सब कुछ कितना परफेक्ट लगता है, न? सुंदर चेहरा, बेबी बंप के साथ प्यारे फोटोशूट्स और चेहरे पर एक अलग ही ग्लो। हम सोचते हैं, "वाह! इनकी लाइफ कितनी सॉर्टेड है।"

लेकिन सच तो ये है कि उस ग्लो और मुस्कुराहट के पीछे एक ऐसा संघर्ष भी होता है, जिसके बारे में कोई बात नहीं करता। बॉलीवुड और साउथ की जानी-मानी एक्ट्रेस श्रिया सरन (Shriya Saran) ने हाल ही में अपनी चुप्पी तोड़ी है और अपनी प्रेगनेंसी के दौरान हुए 'डिप्रेशन' पर दिल खोलकर बात की है।

श्रिया ने जो बताया, वो हर उस महिला के लिए सुनना ज़रूरी है जो मां बनने जा रही है या बन चुकी है।

क्या है 'प्रीनेटल डिप्रेशन' (Prenatal Depression)?

अक्सर हम बच्चे के जन्म के बाद होने वाले डिप्रेशन (Postpartum) की बात करते हैं, लेकिन श्रिया को प्रीनेटल डिप्रेशन हुआ था, यानी बच्चे के जन्म से पहले वाला तनाव।

श्रिया ने बताया, "वह समय मेरे लिए बहुत अजीब और मुश्किल था। मुझे हर वक्त किसी न किसी की ज़रूरत महसूस होती थी। मैं खुद को बहुत कमजोर (Needy) मानने लगी थी।"

यह वो समय होता है जब शरीर में हॉर्मोन्स का तूफ़ान आया होता है और आपको समझ नहीं आता कि आप खुश हैं या उदास।

नकुल मेहता की पत्नी और वो अजीब अहसास

श्रिया ने अपने इस अनुभव को टीवी एक्टर नकुल मेहता (Nakuul Mehta) और उनकी पत्नी जानकी के साथ हुए एक वाकये से जोड़ा।

श्रिया याद करती हैं कि जब वे प्रेग्नेंट थीं, उसी दौरान नकुल की पत्नी जानकी भी प्रेग्नेंट थीं। श्रिया कहती हैं, "मुझे याद है, मैं उस वक़्त बहुत ज्यादा भावनात्मक सहारे की तलाश में रहती थी। मैं नकुल और जानकी को देखती थी... मुझे अजीब सी बेचैनी होती थी। मुझे लगता था कि मुझे और ज्यादा प्यार, और ज्यादा ख्याल की जरूरत है।"

यह जलन नहीं थी, बल्कि एक ऐसी भावना थी जहां एक औरत खुद को असुरक्षित महसूस करती है। उन्हें लगता है कि शायद दुनिया उन्हें समझ नहीं पा रही। श्रिया ने बेबाकी से कुबूल किया कि उन्हें उस वक्त छोटी-छोटी बातों पर बहुत ज्यादा 'नीडी' (Need for attention) फील होता था।

क्यों ज़रूरी है इस पर बात करना?

श्रिया सरन आज एक प्यारी सी बेटी 'राधा' की मां हैं और बेहद खुश हैं। लेकिन उस पुराने वक़्त को याद करके उन्होंने यह साबित कर दिया है कि "सेलिब्रिटीज़ भी इंसान होते हैं।"

समाज में औरतों पर हमेशा खुश दिखने का दबाव होता है। अगर कोई प्रेग्नेंट महिला कहे कि "मैं उदास हूँ", तो लोग कहते हैं "अरे, तुम तो मां बनने वाली हो, खुश रहो!" श्रिया की यह बात हमें सिखाती है कि प्रेगनेंसी सिर्फ़ शारीरिक बदलाव नहीं, बल्कि मानसिक युद्ध भी है।