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March 13 2026 09:29 pm

शॉटगन ने बदला बिहार का खेल, प्रशांत किशोर की तारीफों के पुल बांधे, अपनी पार्टी छोड़ जन सुराज के लिए मांगे वोट

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News India Live, Digital Desk : बिहार की राजनीति में 'शॉटगन' के नाम से मशहूर अभिनेता और टीएमसी सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने एक नया सियासी मोड़ ला दिया है.अपनी पार्टी और महागठबंधन के उम्मीदवार को दरकिनार करते हुए, उन्होंने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर (पीके) और उनकी 'जन सुराज पार्टी' की जमकर तारीफ की है. इतना ही नहीं, उन्होंने पटना की प्रतिष्ठित कुम्हरार सीट से जन सुराज के उम्मीदवार केसी सिन्हा के लिए वोट करने की भी अपील की है.

प्रशांत किशोर को बताया बिहार का भविष्य

शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रशांत किशोर की तारीफ करते हुए उनका एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर शेयर किया और लोगों से उसे देखने की गुजारिश की उन्होंने पीके को बिहार के लिए एक नई उम्मीद बताया और कहा कि राज्य को अब चुनावी वादों से आगे बढ़कर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के बारे में सोचने वाली नीतियों की जरूरत है.शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रशांत किशोर की तारीफ करते हुए उनका एक इंटरव्यू सोशल मीडिया पर शेयर किया और लोगों से उसे देखने की गुजारिश की उन्होंने पीके को बिहार के लिए एक नई उम्मीद बताया और कहा कि राज्य को अब चुनावी वादों से आगे बढ़कर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के बारे में सोचने वाली नीतियों की जरूरत है.

क्यों किया 'जन सुराज' का समर्थन?

'बिहारी बाबू' ने पटना की कुम्हरार विधानसभा सीट के मतदाताओं से जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार, प्रोफेसर केसी सिन्हा को समर्थन देने का आग्रह किया.केसी सिन्हा एक प्रसिद्ध शिक्षाविद और गणितज्ञ हैं. शत्रुघ्न सिन्हा ने उन्हें एक ईमानदार और योग्य व्यक्ति बताया. माना जा रहा है कि कुम्हरार सीट पर बीजेपी द्वारा अपने मौजूदा विधायक का टिकट काटने और कायस्थ उम्मीदवार न उतारने की वजह से शत्रुघ्न सिन्हा नाराज हैं. इसी नाराजगी के चलते उन्होंने अपनी जाति के उम्मीदवार केसी सिन्हा के पक्ष में खुलकर अपील की है

पीएम मोदी को भी दी नसीहत

शत्रुघ्न सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए अपने पोस्ट में लिखा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, आप हमारे दोस्त हैं, इसलिए आपके पटना रोड शो पर मैं कुछ नहीं कहूंगा, लेकिन बिहार के हालात पर जरूर ध्यान दीजिए.”उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हम अपने लोगों के लिए सच्चा न्याय करें.

टीएमसी सांसद के इस कदम ने बिहार की राजनीति, खासकर महागठबंधन के भीतर हलचल पैदा कर दी है. अपनी पार्टी के उम्मीदवार के बजाय दूसरे दल के प्रत्याशी के लिए वोट मांगना यह दिखाता है कि बिहार चुनाव में इस बार कई अप्रत्याशित समीकरण देखने को मिल सकते हैं.