असली आवाज या सिर्फ रिकॉर्डिंग? कॉन्सर्ट के बीच 'धोखे' को लेकर शिल्पा राव का चौंकाने वाला खुलासा
News India Live, Digital Desk : आजकल सोशल मीडिया का दौर है, जहाँ हर चीज़ 'परफेक्ट' दिखानी होती है। चाहे फोटो हो या वीडियो, हम चाहते हैं कि कहीं कोई चूक न रह जाए। यही सोच अब लाइव कॉन्सर्ट्स में भी घुस गई है। अक्सर आपने सुना होगा कि कोई बड़ा सिंगर स्टेज पर गा तो रहा है, लेकिन आवाज़ उसकी रिकॉर्डेड सीडी की बज रही है इसे 'लिप-सिंक' कहते हैं। लेकिन बॉलीवुड की शानदार आवाज़ शिल्पा राव इस सोच के सख्त खिलाफ हैं।
हाल ही में एक इंटरव्यू में शिल्पा ने कुछ ऐसी बातें कही हैं, जो उन फैंस के लिए बहुत मायने रखती हैं जो टिकट खरीदकर अपने पसंदीदा गायक को सुनने जाते हैं। शिल्पा का मानना है कि मंच पर गाना एक 'ईमानदारी' का काम है और वहां किसी भी तरह की दिखावट नहीं होनी चाहिए।
"सुर बिगड़ जाएं, तो भी चलेगा..."
शिल्पा राव का कहना है कि वे स्टेज पर होंठ हिलाकर (Lip-sync) सिर्फ नाटक नहीं करना चाहतीं। वे कहती हैं, "अगर मुझसे लाइव गाते हुए स्टेज पर कोई गलती हो जाए या कोई सुर थोड़ा इधर-उधर निकल जाए, तो मुझे वो मंजूर है। वह मानवीय (Human) है। कम से कम मेरे सुनने वालों को ये तो पता होगा कि मैं वाकई में उनके सामने गा रही हूँ।"
हकीकत ये है कि आज के समय में बहुत से कलाकार 'सेफ' रहने के चक्कर में पहले से रिकॉर्ड की गई ट्रैक पर सिर्फ लिप-सिंक करते हैं ताकि कोई गलती पकड़ी न जाए। लेकिन शिल्पा इसे संगीत के साथ अन्याय मानती हैं।
धोखे से बेहतर है 'असली अहसास'
जब कोई फैन कड़ी मेहनत की कमाई से महंगा टिकट लेकर किसी शो में आता है, तो वह वहां वो अनुभव चाहता है जो उसने कभी मोबाइल या यूट्यूब पर नहीं सुना। शिल्पा राव कहती हैं कि लाइव परफॉरमेंस की जान ही उसकी कच्ची और सच्ची आवाज़ (Raw Voice) में होती है। उस समय होने वाली छोटी-मोटी गलतियाँ उस गाने को और भी असली बना देती हैं। वे चाहती हैं कि जो लोग उन्हें सुनने आए हैं, उन्हें उनकी रूह और आवाज़ का असली जुड़ाव महसूस हो, न कि कोई बनावटी ड्रामा।
क्यों हो रही है इनकी चर्चा?
शिल्पा की इस बात ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। अक्सर दुआ लीपा, ब्रिटनी स्पीयर्स या हाल के कुछ भारतीय सिंगर्स पर भी लिप-सिंक को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ऐसे माहौल में शिल्पा राव का यह स्टैंड यह याद दिलाता है कि एक असली कलाकार वो नहीं जो हमेशा परफेक्ट रहे, बल्कि वो है जो दर्शकों के सामने सच बोले।
शिल्पा के इस अंदाज ने ये साबित कर दिया है कि वे केवल एक बेहतरीन सिंगर ही नहीं, बल्कि एक गहरी सोच वाली इंसान भी हैं। उनकी बेबाक राय हमें सिखाती है कि दुनिया चाहे परफेक्शन के पीछे भागे, लेकिन 'असलियत' की कीमत सबसे ऊपर होती है।
क्या आपको भी लगता है कि सिंगर्स को लाइव शो में लिप-सिंक बंद कर देना चाहिए? अपनी राय हमें जरूर बताएं!