Shardiya Navratri 2025 : नवरात्रि में कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ये गलती? माता रानी को भूलकर भी न चढ़ाएं ये 4 चीज़ें

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News India Live, Digital Desk: शारदीय नवरात्रि का त्योहार मां दुर्गा की भक्ति और शक्ति की उपासना का पर्व है। इन नौ दिनों में भक्तजन माता रानी को प्रसन्न करने के लिए व्रत रखते हैं, पूजा-पाठ करते हैं और तरह-तरह के भोग अर्पित करते हैं। हर कोई चाहता है कि उसकी पूजा सफल हो और मां का आशीर्वाद परिवार पर बना रहे।

लेकिन कई बार जानकारी न होने के कारण हम पूजा में कुछ ऐसी चीजें शामिल कर लेते हैं, जो शास्त्रों के अनुसार वर्जित मानी गई हैं। अनजाने में हुई इन गलतियों की वजह से हमें पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता। आइए जानते हैं कि नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करते समय उन्हें कौन सी चीजें भूलकर भी नहीं चढ़ानी चाहिए।

पूजा की थाली से दूर रखें ये 4 चीजें:

  1. तुलसी के पत्ते: तुलसी को हिंदू धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है और लगभग हर पूजा में इसका इस्तेमाल होता है। लेकिन मां दुर्गा की पूजा में तुलसी चढ़ाना वर्जित है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, तुलसी भगवान विष्णु की पत्नी वृंदा का रूप हैं और उन्होंने शालिग्राम (भगवान विष्णु का एक रूप) से विवाह किया था। इसलिए, भगवान विष्णु और उनके अवतारों के अलावा तुलसी का प्रयोग किसी अन्य देवी-देवता की पूजा में नहीं किया जाता।
  2. दूर्वा (घास): दूर्वा भगवान गणेश को विशेष रूप से प्रिय है। गणपति की कोई भी पूजा दूर्वा के बिना अधूरी मानी जाती है। लेकिन यह मां दुर्गा को अर्पित नहीं की जाती है। हर देवी-देवता की अपनी प्रिय वस्तुएं होती हैं, इसलिए इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किसे क्या चढ़ाना है।
  3. आक या मदार के फूल: आक के फूल और पत्ते आमतौर पर भगवान शिव को चढ़ाए जाते हैं। ये फूल मां दुर्गा को अर्पित नहीं करने चाहिए। देवी मां को सुगंधित और सौम्य फूल पसंद हैं।
  4. बासी या जमीन पर गिरे हुए फूल: पूजा में हमेशा ताज़े और साफ-सुथरे फूलों का ही इस्तेमाल करना चाहिए। जमीन पर गिरे हुए, सूंघे हुए या मुरझाए हुए फूल कभी भी भगवान को अर्पित न करें। यह पूजा के प्रति अनादर को दर्शाता है।

तो फिर मां दुर्गा को क्या चढ़ाएं?

मां दुर्गा को लाल रंग बहुत प्रिय है। इसलिए उनकी पूजा में लाल रंग की चीज़ें ज़रूर शामिल करनी चाहिए।

  • प्रिय फूल: मां को लाल गुड़हल का फूल विशेष रूप से प्रिय है। इसके अलावा आप कमल, गुलाब, और चंपा के फूल भी चढ़ा सकते हैं।
  • प्रिय भोग: भोग में आप घर पर बनी घी की मिठाई, खीर, मालपुए, हलवा और मौसमी फल अर्पित कर सकते हैं। फलों में अनार और केला मां को बहुत पसंद हैं।

सबसे जरूरी बात यह है कि आप जो कुछ भी अर्पित करें, पूरी श्रद्धा और साफ मन से करें। सच्ची भक्ति ही मां को सबसे ज़्यादा प्रसन्न करती है।