Salabhasana : ऑफिस में बैठे-बैठे अकड़ गई है कमर? ये 1 आसन दिलाएगा पुराने से पुराने पीठ दर्द से छुटकारा
News India Live, Digital Desk: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कमर दर्द एक आम समस्या बन गई है. घंटों तक एक ही कुर्सी पर बैठकर काम करना, गलत तरीके से उठना-बैठना और शारीरिक मेहनत की कमी, ये सब हमारी पीठ की हालत खराब कर देते हैं. इसके अलावा, गलत खानपान की वजह से पेट में गैस, ऐंठन या अचानक उठने वाला दर्द (जिसे कॉलिक पेन भी कहते हैं) भी बहुत से लोगों को परेशान करता है.
अगर आप भी इन समस्याओं से जूझ रहे हैं और पेन किलर खा-खाकर थक गए हैं, तो योग में इसका एक बहुत ही सरल और अचूक उपाय है - शलभासन, जिसे अंग्रेजी में 'लोकस्ट पोज़' (Locust Pose) भी कहते हैं.
क्या है यह शलभासन?
'शलभ' एक संस्कृत शब्द है, जिसका मतलब होता है 'टिड्डी' (Locust/Grasshopper). इस आसन को करते समय हमारे शरीर की आकृति काफी हद तक एक टिड्डी जैसी हो जाती है, इसीलिए इसे यह नाम दिया गया है. यह आसन पेट के बल लेटकर किया जाता है और यह हमारी पीठ, पेट और पैरों पर एक साथ काम करता है.
शलभासन करने के चमत्कारी फायदे
- कमर दर्द की छुट्टी: यह आसन खासतौर पर पीठ के निचले हिस्से (Lower Back) के लिए रामबाण है. यह रीढ़ की हड्डी के आसपास की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, जिससे कमर दर्द में बहुत राहत मिलती है. जिन लोगों को स्लिप डिस्क की हल्की समस्या है, उन्हें भी डॉक्टर की सलाह से यह आसन करने पर फायदा मिल सकता है. यह आपके पोस्चर को भी सुधारता है.
- पेट दर्द और गैस से राहत: जब हम इस आसन को करते हैं, तो हमारे पेट के अंगों पर हल्का दबाव पड़ता है. इस दबाव से पाचन क्रिया में सुधार होता है, पेट में फंसी गैस आसानी से बाहर निकल जाती है और पेट की ऐंठन या दर्द में आराम मिलता है.
- पैर और कूल्हों को बनाता है मजबूत: इस आसन में जब हम अपने पैरों को जमीन से ऊपर उठाते हैं, तो इससे हमारे पैरों, जांघों और कूल्हों की मांसपेशियों पर जोर पड़ता है. नियमित रूप से ऐसा करने से ये मांसपेशियां मजबूत और सुडौल बनती हैं.
कैसे करें शलभासन? (सरल विधि)
- सबसे पहले पेट के बल सीधे लेट जाएं. अपनी ठोड़ी को जमीन पर टिका दें.
- दोनों पैरों को सीधा और एक-दूसरे से सटाकर रखें.
- अपने दोनों हाथों को सीधा करके अपनी जांघों के नीचे दबा लें. हथेलियां जमीन की ओर या जांघों की तरफ हो सकती हैं.
- अब एक गहरी सांस अंदर भरें और अपने दोनों पैरों को बिना मोड़े, जितना हो सके ऊपर उठाने की कोशिश करें.
- ध्यान रहे, इस दौरान आपकी ठोड़ी और हाथ जमीन पर ही टिके रहेंगे.
- अपनी क्षमता के अनुसार 10-20 सेकंड तक इसी स्थिति में रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें.
- धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए अपने पैरों को वापस नीचे ले आएं.
- इस प्रक्रिया को 3 से 5 बार दोहराएं.
यह आसन देखने में जितना सरल है, इसके फायदे उतने ही असरदार हैं. इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करके आप कमर और पेट दर्द को आसानी से अलविदा कह सकते हैं.