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April 26 2026 07:23 pm

गहलोत से सुलह के बाद सचिन पायलट का पहला बड़ा दांव, टिकट मांगने वालों को दी सीधी चेतावनी

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News India Live, Digital Desk :  राजस्थान में कांग्रेस की राजनीति के अहम चेहरे और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने आने वाले चुनावों को लेकर पार्टी की रणनीति पर एक बड़ा और स्पष्ट बयान दिया है. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस बार टिकट का बंटवारा किसी नेता की सिफारिश या गुटबाजी के आधार पर नहीं होगा. टिकट सिर्फ उसी को मिलेगा, जिसमें चुनाव जीतने की काबिलियत (Winnability) होगी.

टोंक में मीडिया से बातचीत के दौरान सचिन पायलट ने कहा, "इस बार टिकट वितरण पूरी तरह से मेरिट के आधार पर होगा. कौन किसके करीबी है, यह मायने नहीं रखेगा. जो जमीन पर मजबूत है और जिसे जनता जिताना चाहती है, टिकट उसी को दिया जाएगा." उन्होंने यह भी जोड़ा कि पार्टी युवाओं, महिलाओं और वंचित वर्गों को मौका देगी, लेकिन सबसे पहला और आखिरी पैमाना सिर्फ और सिर्फ 'जीतने की क्षमता' ही होगी.

"मतदाता सूची में हो रही है बड़ी गड़बड़"

सचिन पायलट ने मतदाता सूची (Voter List) में हो रही धांधली को लेकर भी गंभीर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि सत्ताधारी दल के दबाव में लोकतंत्र के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. पायलट ने आरोप लगाया, "जिंदा लोगों को मृत बताकर उनका नाम काटा जा रहा है और जो लोग दुनिया में नहीं हैं, उनके नाम लिस्ट में जोड़े जा रहे हैं. यह लोकतंत्र पर सीधा हमला है."

उन्होंने चुनाव आयोग से इस पूरी प्रक्रिया में पूरी निष्पक्षता बरतने की अपील की. पायलट ने यह भी ऐलान किया कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और वोट में हेरफेर के खिलाफ एक राष्ट्रव्यापी अभियान चलाएगी, जिसकी शुरुआत इसी महीने के अंत में दिल्ली में एक बड़े कार्यक्रम से होगी.

गहलोत से रिश्तों पर बोले- "अब रात गई, बात गई"

पिछले कुछ समय से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच दिखी सियासी दूरियां अब कम होती नजर आ रही हैं. हाल ही में दोनों नेताओं ने एक साथ मंच साझा किया था, जिससे कार्यकर्ताओं में एकजुटता का संदेश गया. इस पर सचिन पायलट ने बड़ी सहजता से कहा, "अब रात गई, बात गई. हम सब एक हैं. पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है. हम सब मिलकर आने वाली चुनौतियों का सामना करेंगे और बीजेपी को हराएंगे."

सचिन पायलट के इन बयानों से साफ है कि वह चुनावी मोड में आ चुके हैं और उनका पूरा ध्यान सही उम्मीदवारों के चयन और चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने पर है, ताकि कांग्रेस एक मजबूत ताकत के रूप में उभर सके.