Restless Legs Syndrome : रात में पैरों में होती है बेचैनी या झुनझुनी? चैन की नींद छीन सकती है ये बीमारी, जानें लक्षण और बचाव के उपाय

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News India Live, Digital Desk: रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम एक तंत्रिका तंत्र (Nervous System) से जुड़ी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को अपने पैरों को हिलाने की तीव्र इच्छा होती है। यह समस्या अक्सर शाम या रात के समय, जब आप आराम कर रहे होते हैं, तब और बढ़ जाती है।

RLS के मुख्य लक्षण (Key Signs)

पैरों को हिलाने की इच्छा: बैठने या लेटने पर पैरों में अजीब सी हलचल महसूस होना, जिसे पैर हिलाने पर ही राहत मिलती है।

अजीबोगरीब सनसनी: पैरों के अंदर कुछ रेंगने (Crawling), खुजली, जलन या बिजली के झटके जैसा महसूस होना।

रात में समस्या बढ़ना: इसके लक्षण रात के समय सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं, जिससे गहरी नींद (REM Sleep) लेना मुश्किल हो जाता है।

नींद में झटके लगना: कई बार सोते समय पैर अपने आप झटके खाते हैं, जिसे पीरियोडिक लिम्ब मूवमेंट (PLMD) कहा जाता है।

क्यों होती है पैरों में ये बेचैनी? (Major Causes)

चिकित्सकों के अनुसार, इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं:

आयरन की कमी: शरीर में आयरन का स्तर कम होने से मस्तिष्क में डोपामाइन (Dopamine) का संतुलन बिगड़ जाता है, जो मांसपेशियों के नियंत्रण के लिए जरूरी है।

जेनेटिक्स: अगर आपके परिवार में किसी को यह समस्या है, तो आपको इसके होने की संभावना बढ़ जाती है।

पुरानी बीमारियाँ: किडनी फेलियर, डायबिटीज और पेरिफेरल न्यूरोपैथी जैसी स्थितियों में भी RLS के लक्षण दिखते हैं।

जीवनशैली: अत्यधिक कैफीन (कॉफी/चाय), शराब का सेवन और धूम्रपान इस समस्या को ट्रिगर कर सकते हैं।

राहत पाने के प्रभावी उपाय (Prevention & Remedies)

नियमित व्यायाम: पैदल चलना या पैरों की स्ट्रेचिंग करने से लक्षणों में कमी आती है। हालांकि, रात में भारी वर्कआउट से बचें।

आयरन से भरपूर डाइट: अपनी खुराक में पालक, दालें और रेड मीट शामिल करें। डॉक्टर की सलाह पर आयरन सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

गर्म या ठंडी सिकाई: सोने से पहले पैरों को हल्के गर्म पानी में भिगोना या आइस पैक का इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है।

मालिश (Massage): पैरों की तेल से मालिश करने से ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है और मांसपेशियों को आराम मिलता है।

कैफीन कम करें: शाम के समय चाय, कॉफी या सोडा लेने से बचें ताकि तंत्रिका तंत्र शांत रहे।

विशेषज्ञ की सलाह: यदि यह समस्या आपकी दैनिक कार्यक्षमता को प्रभावित कर रही है, तो तुरंत किसी न्यूरोलॉजिस्ट (Neurologist) से संपर्क करें।