Aaj Ka Panchang 23 September: आज है वामन जयंती और परिवर्तिनी एकादशी का पारण, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग

Aaj Ka Panchang 23 September: आज है वामन जयंती और परिवर्तिनी एकादशी का पारण, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग

सनातन पंचांग के अनुसार आज 23 सितंबर का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पावन और फलदायी है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की इस पावन तिथि पर जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु के पांचवें अवतार वामन देव की जयंती (Vamana Jayanti) श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जा रही है। इसके साथ ही, पिछले दिन परिवर्तिनी एकादशी (पद्मा एकादशी) का व्रत रखने वाले श्रद्धालु आज प्रातः काल शुभ मुहूर्त में अपने व्रत का पारण (Parana) संपन्न करेंगे।

शास्त्रों के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल द्वादशी के दिन ही भगवान विष्णु ने माता अदिति और महर्षि कश्यप के पुत्र के रूप में वामन रूप धारण किया था और दैत्यराज बलि के अहंकार को चूर कर तीनों लोकों को मुक्त कराया था। मान्यता है कि इस दिन भगवान वामन की पंचोपचार या षोडशोपचार पूजा करने तथा चावल, दही और छाता का दान करने से व्यक्ति को मोक्ष और अक्षय पुण्यों की प्राप्ति होती है।

23 September 2026 Panchang: आज के तिथि, नक्षत्र और ग्रह स्थिति के मुख्य आंकड़े

दैनिक पंचांग के अनुसार आज के पंचांग घटक इस प्रकार रहेंगे:

  • विक्रम संवत: 2083 (कालयुक्त)

  • शक संवत: 1948

  • माह: भाद्रपद (भादों)

  • पक्ष: शुक्ल पक्ष

  • वार: बुधवार (बुध ग्रह और विघ्नहर्ता गणेश जी का दिन)

  • तिथि: द्वादशी तिथि (दोपहर तक, तत्पश्चात त्रयोदशी तिथि का प्रवेश)

  • नक्षत्र: श्रवण नक्षत्र (श्रवण नक्षत्र के स्वामी चंद्र देव हैं और यह भगवान विष्णु का प्रिय नक्षत्र माना जाता है)

  • योग: शोभन योग

  • करण: बव करण उपरांत बालव करण

  • सूर्य राशि: कन्या राशि

  • चंद्र राशि: मकर राशि

Shubh Muhurat and Parana Time: परिवर्तिनी एकादशी पारण और पूजा के शुभ मुहूर्त

एकादशी व्रत का संपूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब उसका पारण द्वादशी तिथि समाप्त होने से पहले और हरिवासर का समय बीत जाने के बाद शुभ मुहूर्त में किया जाए।

  1. परिवर्तिनी एकादशी पारण समय: प्रातःकाल 06:12 बजे से लेकर प्रातः 08:35 बजे के मध्य।

  2. ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:36 बजे से 05:24 बजे तक (साधना, ध्यान और ईष्ट देव के स्मरण के लिए सर्वोत्तम समय)।

  3. अभिजीत मुहूर्त: शास्त्रों के अनुसार बुधवार के दिन अभिजीत मुहूर्त का परिहार माना जाता है या यह प्रभावी नहीं होता, अतः इस दौरान सामान्य शुभ कार्यों के लिए विजय मुहूर्त का चयन श्रेयस्कर माना गया है।

  4. विजय मुहूर्त: दोपहर 02:14 बजे से दोपहर 03:02 बजे तक।

  5. गोधूलि मुहूर्त: सायं 06:18 बजे से सायं 06:42 बजे तक।

  6. अमृत काल: प्रातः 10:15 बजे से दोपहर 11:48 बजे तक।

Ashubh Muhurat: राहुकाल और वर्जित समय

किसी भी मांगलिक कार्य, नवीन गृह प्रवेश, नवीन निवेश या यात्रा की शुरुआत करने से पहले अशुभ समय का विचार करना आवश्यक माना जाता है:

  • राहुकाल (Rahukaal): दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 01:30 बजे तक (बुधवार के दिन दोपहर के समय राहुकाल रहता है। इस 90 मिनट की अवधि में कोई भी नवीन कार्य या शुभ संकल्प प्रारंभ करने से बचें)।

  • यमगंड: प्रातः 07:42 बजे से प्रातः 09:12 बजे तक।

  • गुलिक काल: प्रातः 10:42 बजे से दोपहर 12:12 बजे तक।

  • दुर्मुहूर्त: दोपहर 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक।

  • दिशाशूल: उत्तर दिशा (यदि बुधवार को उत्तर दिशा में अनिवार्य यात्रा करनी हो, तो घर से गुड़, धनिया या तिल खाकर निकलें)।

Vamana Jayanti Puja Vidhi: वामन जयंती पर कैसे करें पूजा और क्या करें दान?

भगवान वामन की पूजा के लिए प्रातः स्नान के पश्चात पीले वस्त्र धारण कर पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके बैठें।

  • पूजा अनुष्ठान: चौकी पर पीला वस्त्र बिछाकर भगवान विष्णु अथवा वामन देव की प्रतिमा या शालिग्राम जी को स्थापित करें। पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक कराने के बाद पीले चंदन, अक्षत, पीले फूल, तुलसी दल और धूप-दीप अर्पित करें।

  • भोग सामग्री: भगवान वामन को दही, मिश्री, चावल की खीर और मौसमी फलों का भोग अत्यंत प्रिय है।

  • मंत्र जप: पूजा के समय "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" अथवा "ॐ वामनाय नमः" का कम से कम 108 बार जाप करें।

  • महत्वपूर्ण दान: आज के दिन किसी योग्य ब्राह्मण या जरूरतमंद को पीले वस्त्र, छाता (छत्र), खड़ाऊं (चप्पल), चावल, मिट्टी का घड़ा और दक्षिणा दान करने का विशेष महात्म्य है।

आज श्रवण नक्षत्र और बुधवार का यह अद्भुत योग विघ्नहर्ता गणेश जी की कृपा पाने और श्रीहरि विष्णु के वामन रूप की आराधना से सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला है।