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पूजा के समय बीच में ही बुझ जाता है दीपक? घर पर इस सीक्रेट तरीके से बनाएं रूई की बाती

सनातन धर्म और हिंदू संस्कृति में सुबह-शाम देवी-देवताओं के सामने दीपक जलाना बेहद पवित्र और अनिवार्य माना गया है। मान्यता है कि दीपक की जलती हुई लौ घर की नकारात्मक ऊर्जा को खत्म कर सुख, समृद्धि और शांति लाती है। लेकिन कई बार हम देखते हैं कि पूजा शुरू होते ही या कुछ ही मिनटों में दीपक की बाती बुझ जाती है, या फिर वह पूरी तरह से घी-तेल सोखकर बैठ जाती है। शास्त्रों में पूजा के बीच में दीपक का बुझना शुभ नहीं माना जाता है। अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो इसका सीधा संबंध बाती (Deepak Ki Bati) बनाने के तरीके से है। आइए जानते हैं घर पर ही बेहद आसान विधि से एकदम परफेक्ट, खिली-खिली और लंबे समय तक जलने वाली गोल और लंबी बाती बनाने का वो पारंपरिक तरीका, जिससे भगवान प्रसन्न होकर आपकी हर मनोकामना पूरी करेंगे।

गोल बाती (Round Cotton Wick) बनाने का सबसे अनोखा और आसान तरीका

आमतौर पर भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और हनुमान जी की पूजा या दैनिक आरती में गोल बाती का उपयोग सबसे ज्यादा किया जाता है। इसे बनाने के लिए सबसे पहले अच्छी क्वालिटी की साफ रूई (कॉटन) लें। रूई का एक छोटा सा टुकड़ा तोड़कर उसे हथेलियों के बीच फैला लें। अब इस टुकड़े के ठीक बीच वाले हिस्से को ऊपर की तरफ खींचते हुए एक चोंच या नोक का आकार दें। इस नोक को मजबूती देने के लिए अपनी उंगलियों में थोड़ा सा कच्चा दूध या गंगाजल लगाएं और उसे ऊपर की तरफ अच्छी तरह से ऐंठ दें। दूध या गंगाजल लगाने से बाती का ऊपरी हिस्सा एकदम कड़क और सीधा खड़ा रहता है, जिससे घी में डूबने के बाद भी यह झुकती नहीं है और दीपक अंत तक पूरी शान से जलता है।

लंबी बाती (Long Cotton Wick) बनाते समय न करें यह गलती, हमेशा रहेगी सीधी

पितरों की पूजा, महादेव की आराधना या कलावा (मौली) की बाती बनाते समय लंबी बाती का प्रयोग किया जाता है। लंबी बाती बनाने के लिए रूई को एक समान लंबाई में फैला लें। इसके बाद दोनों हथेलियों की मदद से इसे एक दिशा में रोल करते हुए हल्के हाथों से ऐंठ लें। ध्यान रहे कि बाती न तो बहुत ज्यादा मोटी होनी चाहिए और न ही बहुत ज्यादा पतली। इसे ज्यादा टिकाऊ बनाने के लिए आप रूई के साथ थोड़े से सूती धागे या कलावे का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। बनाने के बाद इन बातियों को पूजा में इस्तेमाल करने से पहले कुछ देर के लिए शुद्ध देसी घी या तिल के तेल में भिगोकर रख दें, ऐसा करने से ज्योत बिना टिमटिमाए एकदम स्थिर और खिली-खिली जलती है।

कपूर और केसर का ये उपाय चमका देगा किस्मत, जाग उठेगा सोया हुआ भाग्य

अगर आप चाहते हैं कि आपके घर में हमेशा सकारात्मकता का वास रहे और दीपक से निकलने वाला धुआं वातावरण को शुद्ध करे, तो बाती बनाते समय एक छोटा सा उपाय जरूर करें। बाती को ऐंठते समय उंगलियों में थोड़े से कपूर का पाउडर या केसर मिश्रित पानी लगा लें। जब यह कपूर और केसर से युक्त बाती दीपक में जलेगी, तो इससे पूरे घर में एक अत्यंत दिव्य और मनमोहक सुगंध फैल जाएगी। वास्तु शास्त्र और ज्योतिष विज्ञान के अनुसार, इस तरह के विशेष दीपक से वास्तु दोषों का नाश होता है, घर के सदस्यों का मानसिक तनाव दूर होता है और सोई हुई किस्मत के दरवाजे तुरंत खुल जाते हैं।

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