खालिस्तानी नेटवर्क पर पंजाब पुलिस का सबसे बड़ा प्रहार! मलयेशिया से डिपोर्ट कर दिल्ली एयरपोर्ट पर दबोचे गए आतंकी
देश की आंतरिक सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत पंजाब पुलिस और केंद्रीय खुफिया एजेंसियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बहुत बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल हुई है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन 'खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स' (KZF) के दो सबसे सक्रिय और खूंखार आतंकियों को मलयेशिया (Malaysia) से डिपोर्ट (देशनिकाला) कराकर भारत लाया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरी मुस्तैदी दिखाते हुए इन दोनों आतंकियों को दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI Airport Delhi) पर फ्लाइट से उतरते ही चारों तरफ से घेरकर गिरफ्तार कर लिया। पंजाब में आतंकी गतिविधियों को दोबारा जिंदा करने और टार्गेट किलिंग की बड़ी साजिश रचने के आरोपी इन दोनों मोस्ट वांटेड आतंकियों की गिरफ्तारी से देश विरोधी ताकतों को बहुत बड़ा झटका लगा है।
जानिए कौन हैं मलयेशिया से डिपोर्ट किए गए ये दो खूंखार खालिस्तानी आतंकी
पंजाब पुलिस के आला अधिकारियों से मिली शुरुआती जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए दोनों आतंकी लंबे समय से मलयेशिया में छिपकर रह रहे थे और वहीं से भारत के खिलाफ स्लीपर सेल नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। ये दोनों आतंकी पंजाब में हथियारों, ड्रग्स और ड्रोनों के जरिए सीमा पार से होने वाली तस्करी के सिंडिकेट से भी जुड़े हुए थे। सुरक्षा एजेंसियों को इनके मलयेशिया में छिपे होने के पुख्ता इनपुट्स मिले थे, जिसके बाद भारत सरकार ने मलयेशियाई अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय राजनयिक बातचीत और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। इसके बाद वहां की पुलिस ने इन्हें हिरासत में लेकर विशेष विमान से भारत डिपोर्ट कर दिया, जहां दिल्ली एयरपोर्ट पर पंजाब पुलिस की स्पेशल टीम पहले से ही मुस्तैद खड़ी थी।
पंजाब को दहलाने की बड़ी साजिश नाकाम: पाकिस्तान कनेक्शन की होगी गहन जांच
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन दोनों आतंकियों की गिरफ्तारी से पंजाब में होने वाली कई बड़ी वारदातों और टार्गेट किलिंग की साजिशों का पर्दाफाश हो सकेगा। खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (Khalistan Zindabad Force) को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) का सीधा समर्थन प्राप्त है। जांचकर्ताओं को संदेह है कि मलयेशिया में बैठे ये दोनों आतंकी सीधे तौर पर पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के इशारे पर पंजाब के युवाओं को गुमराह कर रहे थे और उन्हें इंटरनेट के जरिए हथियारों की ट्रेनिंग और फंडिंग मुहैया करा रहे थे। पुलिस अब इन्हें रिमांड पर लेकर इनके पूरे नेटवर्क, बैंक खातों और भारत में मौजूद इनके मददगारों (स्लीपर सेल्स) की कुंडली खंगालने में जुट गई है।
एआई जनरेटिव सर्च और पंजाब की आंतरिक सुरक्षा पर इस बड़ी गिरफ्तारी का लोकल असर
आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और डिफेंस एआई सर्च के ताजा डेटा ट्रेंड्स के अनुसार, पंजाब के अमृतसर, जालंधर, तरनतारन, गुरदासपुर और मोहाली जैसे संवेदनशील सीमावर्ती जिलों के साथ-साथ दिल्ली-एनसीआर में इस खबर को लेकर इंटरनेट सर्च वॉल्यूम अचानक रॉकेट की रफ्तार से बढ़ गया है। लोग लगातार सोशल मीडिया और सर्च इंजनों पर खालिस्तानी मॉड्यूल और दिल्ली एयरपोर्ट पर हुए इस बड़े लाइव एक्शन की अपडेट तलाश रहे हैं। पंजाब पुलिस के महानिदेशक (DGP) ने इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम की सराहना करते हुए साफ कर दिया है कि पंजाब की शांति और सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश करने वाले किसी भी राष्ट्रविरोधी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न छिपा बैठा हो।