Panchang 2 September 2026: आज हलषष्ठी व्रत पर बन रहे हैं शुभ योग, जानिए पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त और राहुकाल का समय
भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि धार्मिक दृष्टिकोण से अत्यंत फलदायी मानी जाती है। आज भगवान श्रीकृष्ण के ज्येष्ठ भ्राता शेषनागावतार दाऊ बलराम जी का जन्मोत्सव यानी हलषष्ठी (हलछठ / ललई छठ) का पावन पर्व मनाया जा रहा है। संतान की दीर्घायु, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना से माताएं आज के दिन निर्जला व्रत रखकर विधि-विधान से महुआ, पसही के चावल (तिन्नी के चावल) और भैंस के दूध-दही से पूजा-अर्चना करती हैं। किसी भी मांगलिक कार्य और पूजा-पाठ को सफल बनाने के लिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का विचार करना अति आवश्यक माना गया है।
2 सितंबर 2026: आज की तिथि, नक्षत्र और ग्रह स्थिति
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संवत एवं मास: विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948, भाद्रपद मास, कृष्ण पक्ष
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तिथि: षष्ठी तिथि (उदयातिथि में विद्यमान)
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दिन: बुधवार
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नक्षत्र: भरणी नक्षत्र (उपरांत कृतिका नक्षत्र)
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चंद्र राशि: मेष (मंगल की राशि)
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सूर्य राशि: सिंह (सूर्य की स्वराशि)
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सूर्योदय एवं सूर्यास्त: सूर्योदय प्रातः 06:00 बजे, सूर्यास्त सायं 06:41 बजे
हलषष्ठी व्रत का पूजन मुहूर्त और आज के शुभ योग
हलछठ पूजा के लिए प्रातःकाल और सायंकाल का गोधूलि वेला अत्यंत प्रशस्त माना जाता है:
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अभिजीत मुहूर्त: दिन के मध्य में कोई विशिष्ट अभिजीत मुहूर्त बुधवार को वर्जित होने के कारण सामान्य शुभ चौघड़िया में पूजन श्रेष्ठ रहेगा।
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अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त: प्रातः 07:30 बजे से प्रातः 09:05 बजे तक
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शुभ चौघड़िया मुहूर्त: पूर्वाह्न 10:45 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
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लाभ चौघड़िया (शाम का समय): सायं 05:05 बजे से सायं 06:40 बजे तक
हलषष्ठी के दिन हल से जुते हुए किसी भी अन्न का सेवन पूरी तरह वर्जित रहता है। माताएं गड्ढा (सगरी) बनाकर झरबेरी, पलाश और कांसी की डाल लगाकर षष्ठी देवी और बलराम जी का पूजन इन्हीं शुभ समयों में संपन्न करें।
आज का राहुकाल और अशुभ समय: इनसे करें परहेज
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहुकाल की अवधि में कोई भी नया कार्य, निवेश, वाहन क्रय अथवा मांगलिक अनुष्ठान शुरू नहीं करना चाहिए:
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राहुकाल: दोपहर 12:20 बजे से दोपहर 01:55 बजे तक
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यमगण्ड: प्रातः 07:35 बजे से प्रातः 09:10 बजे तक
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गुलिक काल: पूर्वाह्न 10:45 बजे से दोपहर 12:20 बजे तक
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दुर्मुहूर्त: पूर्वाह्न 11:55 बजे से दोपहर 12:45 बजे तक
आज का विशेष ज्योतिषीय उपाय
बुधवार के दिन हलषष्ठी व्रत पड़ने से आज का दिन संतान सुख, बुद्धि और करियर में प्रगति के लिए विशेष फलदायी है। भगवान गणेश को दूर्वा की 21 गांठें और लड्डू का भोग लगाएं। साथ ही बलराम जी को प्रसन्न करने के लिए हल और कृषि उपकरणों का आदरपूर्वक पूजन करें तथा जरूरतमंदों को फल व वस्त्र का दान करें।