Relationship Mistakes : प्यार के रिश्ते में ये गलती कभी मत करना, शादीशुदा पुरुषों से क्यों होती हैं लड़कियाँ आकर्षित?

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News India Live, Digital Desk: Relationship Mistakes : प्यार और रिश्तों की दुनिया कभी-कभी इतनी उलझी हुई होती है कि इसे समझना मुश्किल हो जाता है। अक्सर समाज में यह देखा जाता है कि कई बार लड़कियाँ शादीशुदा मर्दों की ओर आकर्षित हो जाती हैं। यह एक ऐसा संवेदनशील और पेचीदा मसला है, जिस पर लोग खुलकर बात नहीं करते, लेकिन इसके पीछे कुछ मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक कारण हो सकते हैं। और हाँ, कई बार इन रिश्तों की नींव में कुछ ऐसी गलतियाँ भी होती हैं, जिन्हें शायद हम नज़रअंदाज़ कर देते हैं। आइए, इस पर गहराई से नज़र डालते हैं।

तो आखिर क्यों शादीशुदा मर्दों की ओर खिंची चली आती हैं लड़कियाँ?

  1. परिपक्वता और स्थिरता (Maturity and Stability): एक शादीशुदा आदमी अक्सर अविवाहित पुरुषों की तुलना में ज़्यादा परिपक्व, स्थिर और जीवन के प्रति गंभीर नज़र आता है। उसके पास आमतौर पर एक स्थापित करियर और बेहतर जीवनशैली होती है। यह सब चीज़ें एक लड़की को सुरक्षित और आकर्षक लग सकती है। वह जीवन में आने वाली चुनौतियों का सामना बेहतर तरीके से कर रहा होगा, ऐसा अक्सर लगता है।
  2. भावनात्मक सहारा और समझ (Emotional Support and Understanding): कई बार, शादीशुदा मर्द अपने अनुभवों के कारण दूसरों को भावनात्मक सहारा और बेहतर समझ दे पाते हैं। वे शायद जीवन की पेचीदगियों को ज़्यादा बेहतर तरीके से संभालना जानते हों, और यह समझ लड़कियों को आकर्षित करती है, खासकर जब उन्हें भावनात्मक सहयोग की ज़रूरत हो। अविवाहित लड़कों में शायद इतनी परिपक्वता और भावनात्मक गहराई उन्हें न दिखे।
  3. आत्मविश्वास और सुरक्षा का एहसास (Confidence and Sense of Security): एक शादीशुदा पुरुष में अक्सर एक निश्चित आत्मविश्वास दिखाई देता है, जो एक सफल जीवन और अनुभव से आता है। यह आत्मविश्वास लड़कियों को आकर्षक लगता है। साथ ही, उसके साथ कुछ समय बिताने पर एक अजीब सी 'सुरक्षा' का एहसास हो सकता है, चाहे वह क्षणिक ही क्यों न हो।
  4. "चुनौती" या "जोखिम" का आकर्षण (Allure of Challenge/Risk): कई बार, जो चीज़ हासिल करना मुश्किल होती है, वह ज़्यादा आकर्षक लगने लगती है। शादीशुदा व्यक्ति का 'हासिल' न होना कुछ लोगों के लिए एक चुनौती की तरह काम करता है, जो उन्हें ज़्यादा मेहनत करने के लिए प्रेरित कर सकता है। यह मानव मनोविज्ञान का एक अजीब पहलू है।

कहीं आप (शादीशुदा मर्द) तो नहीं कर रहे ये गलतियाँ, जो ऐसे रिश्ते को पनपने दे रही हैं?

  1. अपने पार्टनर को भावनात्मक रूप से नज़रअंदाज़ करना (Emotional Neglect of Partner): अगर कोई शादीशुदा व्यक्ति अपने पार्टनर को भावनात्मक रूप से उपेक्षित महसूस करा रहा है, तो वह अनजाने में ही बाहर भावनात्मक सहारा या जुड़ाव की तलाश करने लगता है। आपकी शादी में भावनात्मक दूरी अक्सर तीसरे व्यक्ति को आकर्षित कर सकती है। यह रिश्ते की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है।
  2. बातचीत की कमी और अनसुलझे मुद्दे (Lack of Communication & Unresolved Issues): जब शादी में खुलकर बातचीत नहीं होती और पुरानी शिकायतें या मुद्दे अनसुलझे रह जाते हैं, तो एक खाई पैदा हो जाती है। यह खाई अक्सर दूसरे व्यक्ति को आपकी ओर खींचने का एक कारण बन जाती है। आप उस बाहरी व्यक्ति से अपनी समस्याएं साझा करने लगते हैं, जिससे एक भावनात्मक बंधन बन जाता है। अफेयर के कारण भी यही अक्सर बनता है।
  3. बाहर प्रशंसा या ध्यान तलाशना (Seeking Validation/Attention Outside Marriage): हर किसी को तारीफ़ और ध्यान पसंद होता है। अगर आपको लगता है कि आपके अपने रिश्ते में इसकी कमी है, तो आप अनजाने में ही इसे बाहर तलाशना शुरू कर सकते हैं। कोई बाहरी व्यक्ति जब आपको वही तारीफ़ और ध्यान देता है, तो आप उसके करीब महसूस करने लगते हैं, भले ही आपको पता हो कि यह सही नहीं है।
  4. रिश्ते की सीमाओं का ध्यान न रखना (Not Setting Boundaries): जब आप किसी के साथ बातचीत करते हैं या समय बिताते हैं, तो आपको शादीशुदा होने की अपनी सीमाओं का पूरा ध्यान रखना चाहिए। अगर आप ऐसी कोई सीमा निर्धारित नहीं करते हैं या ऐसी स्थिति पैदा होने देते हैं जहाँ भावनात्मक नज़दीकी बढ़ती है, तो ऐसे रिश्तों में फंसने की संभावना बढ़ जाती है। संबंधों की सीमा समझना ज़रूरी है।
  5. आत्म-संतुष्टि और रिश्ते को हल्के में लेना (Complacency and Taking Relationship for Granted): जब हम अपने प्राइमरी रिश्ते को हल्के में लेने लगते हैं या सोचते हैं कि सब ठीक है और इसमें ज़्यादा मेहनत की ज़रूरत नहीं, तो अक्सर दूसरे व्यक्ति हमारी ज़िंदगी में जगह बना लेते हैं। शादीशुदा जीवन में निरंतर प्रयास और देखभाल बहुत ज़रूरी है।

अंतिम विचार:
रिश्ते जटिल होते हैं और भावनात्मक जुड़ाव अक्सर तय नियमों से परे हो जाता है। चाहे शादीशुदा व्यक्ति हो या अविवाहित लड़की, हर किसी के लिए आत्म-जागरूकता, ईमानदार संचार, और संबंधों में सीमाओं का सम्मान करना बहुत ज़रूरी है। हर रिश्ते में विश्वास और सम्मान की अहमियत को कभी कम नहीं समझना चाहिए। विवाहेतर संबंध जैसी स्थिति से बचने के लिए, अपने प्राथमिक रिश्ते पर काम करना बेहद ज़रूरी है।

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