छत्तीसगढ़ में शीतलहर का रेड अलर्ट, जानिए अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
News India Live, Digital Desk : अगर आप अभी रजाई के अंदर दुबक कर बैठे हैं और आपको लग रहा है कि ठंड कुछ ज्यादा ही बढ़ गई है, तो जनाब, आपको गलत नहीं लग रहा है। छत्तीसगढ़ के मौसम ने सचमुच अपना रंग बदल लिया है। हम अक्सर ठंड के मजे लेने के लिए 'मैनपाट' (Mainpat) की बात करते थे, जिसे छत्तीसगढ़ का शिमला कहा जाता है। लेकिन इस बार तो दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर (Bastar) ने सबको पीछे छोड़ दिया है।
मौसम विभाग से जो ताजा आंकड़े आए हैं, उन्हें देखकर यकीन नहीं हो रहा। बस्तर में ठंड ने ऐसा कहर बरपाया है कि वहां तापमान गिरकर 3.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
आइए, आसान भाषा में समझते हैं कि हमारे प्यारे छत्तीसगढ़ में मौसम का ये क्या हाल हो गया है।
बस्तर में जम गई 'कुल्फी'
आम तौर पर बस्तर अपनी हरियाली और जंगलों के लिए जाना जाता है, लेकिन फिलहाल यह इलाका 'डीप फ्रीजर' बना हुआ है। सोचिए, 3.9 डिग्री तापमान का मतलब होता है पानी का लगभग बर्फ बनने की कगार पर आ जाना। सुबह-सुबह यहां खेतों में और गाड़ियों की छतों पर ओस की बूंदें जमी हुई दिख रही हैं। कोहरा (Fog) इतना घना है कि हाथ को हाथ नहीं सूझ रहा।
सरगुजा और पेंड्रा भी पीछे नहीं
ऐसा नहीं है कि सिर्फ बस्तर ठिठुर रहा है। उत्तरी छत्तीसगढ़ यानी सरगुजा संभाग में तो हमेशा कड़ाके की ठंड पड़ती ही है। अंबिकापुर (Ambikapur) और पेंड्रा रोड (Pendra Road) में भी बर्फीली हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। वहां भी रात का तापमान 5 से 7 डिग्री के बीच चल रहा है।
वहीं, राजधानी रायपुर (Raipur) और बिलासपुर में भी शाम होते ही लोग स्वेटर-जैकेट और मफलर में लिपटे नजर आ रहे हैं।
ठंड अचानक क्यों बढ़ गई?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर भारत (Himalayas) की तरफ से आ रही ठंडी और सूखी हवाओं का सीधा असर छत्तीसगढ़ पर पड़ रहा है। आसमान साफ होने की वजह से रात में धरती की गर्मी जल्दी निकल जाती है, जिससे तापमान तेजी से गिर रहा है। इसे ही हम शीतलहर (Cold Wave) कहते हैं।
अगले कुछ दिन क्या होगा?
मौसम विभाग ने साफ कर दिया है कि फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं है। अगले 2-3 दिनों तक ऐसी ही कड़ाके की ठंड बनी रहेगी। बस्तर, सरगुजा और दुर्ग संभाग के कई इलाकों में तापमान और भी नीचे जा सकता है।
जरूरी सलाह (हमारा सुझाव)
दोस्तों, यह मौसम पिकनिक मनाने के लिए तो अच्छा है, लेकिन सेहत के लिए थोड़ा खतरनाक भी है।
- गर्म कपड़े पहनें: स्टाइल के चक्कर में न रहें, कान और सिर ढककर ही बाहर निकलें।
- बुजुर्गों का ख्याल रखें: यह ठंड दिल (Heart) और सांस के मरीजों के लिए सही नहीं है।
- बच्चों को बचाएं: स्कूल जाने वाले बच्चों को लेयर्स में कपड़े पहनाएं।