जैसलमेर बस अग्निकांड की असल वजह सामने आई, एक साल पहले के अवैध बदलाव ने ली 20 लोगों की जान

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News India Live, Digital Desk: राजस्थान के जैसलमेर में हुई बस दुर्घटना, जिसमें 20 लोगों की जलकर दर्दनाक मौत हो गई थी, उसकी असली वजह अब सामने आ गई है, और यह जानकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे! शुरुआती तौर पर शॉर्ट सर्किट को कारण माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में जो हकीकत सामने आई है, वह सरकारी लापरवाही और निजी ऑपरेटरों की गैर-जिम्मेदारी को उजागर करती है. यह 'जैसलमेर बस अग्निकांड का राज' वाकई बेहद चौंकाने वाला है.

बस में हुए थे 'गैर-कानूनी' बदलाव, जिसकी वजह से हुआ हादसा!

जांच अधिकारियों के मुताबिक, बस में 'अनधिकृत मॉडिफिकेशन' (गैर-कानूनी बदलाव) किए गए थे, और ये बदलाव लगभग एक साल पहले हुए थे. दरअसल, जिस बस में यात्रियों की जान गई, उसे मूल रूप से बस कम सामान ढोने वाले वाहन (बस कम सामान वाहक) के रूप में प्रमाणित किया गया था. लेकिन मालिक ने गैर-कानूनी तरीके से इसमें यात्रियों को बैठाने के लिए अतिरिक्त सीटें लगवाई थीं और एसी फिट करा दिया था. सबसे बड़ी बात यह है कि यह 'जानलेवा एसी इंस्टालेशन' बस में एक गैर-अधिकृत एजेंसी से करवाया गया था.

रविवार, 13 अक्टूबर, 2025 को हुए इस भयानक 'जैसलमेर बस दुर्घटना' के कारण अब अधिकारियों के भी हाथ-पांव फूल गए हैं. पता चला है कि इस गैर-कानूनी मॉडिफिकेशन के चलते बस में कई सुरक्षा नियमों की अनदेखी की गई थी, जिसके कारण आग इतनी तेजी से फैली कि 20 लोग जलकर मर गए. इन लोगों की पहचान भी नहीं हो पाई थी, जिससे दुख और गहरा हो गया था. 'अवैध बस रूपांतरण' अक्सर ऐसे हादसों को जन्म देता है.

एक साल पहले की लापरवाही ने ली जानें!

अब सवाल यह उठता है कि अगर एक साल पहले बस में यह बदलाव किया गया था, तो किसी अधिकारी या आरटीओ ने इस पर ध्यान क्यों नहीं दिया? कैसे एक ऐसी 'बस जिसमें अवैध बदलाव' किए गए हों, वह एक साल तक सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ती रही? पुलिस अधीक्षक विकास शर्मा ने बताया कि एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) और पुलिस ने तकनीकी पहलुओं पर जांच की, जिसमें ये बात सामने आई है कि 'दोषपूर्ण एसी कनेक्शन' से शुरू हुई आग कुछ ही मिनटों में पूरी बस में फैल गई थी. अग्निशमन अधिकारियों के मुताबिक, सीट की सामग्री और लकड़ी के फेंसिंग के चलते आग इतनी भयंकर हो गई थी कि यात्रियों को बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला. यह 'यात्रियों की सुरक्षा' से खिलवाड़ का एक जीता-जागता उदाहरण है.

यह 'जैसलमेर त्रासदी' न सिर्फ दुर्घटना थी, बल्कि इंसानी लापरवाही और गैर-जिम्मेदारी का नतीजा भी थी. यह घटना पूरे राजस्थान में 'सड़क सुरक्षा नियमों' पर फिर से सवाल खड़े करती है कि ऐसे गैर-कानूनी वाहनों को सड़कों पर कैसे चलने दिया जा रहा है. यह 'राजस्थान बस दुर्घटना' हमें चेतावनी देती है कि सुरक्षा नियमों का पालन कितना जरूरी है.