Real or Fake : क्या सच में 100 रुपये का पुराना नोट आपको बना सकता है लखपति? जानें 12 लाख के दावे की हकीकत

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News India Live, Digital Desk: इंटरनेट और सोशल मीडिया पर इन दिनों '786' नंबर वाले या खास सीरीज के पुराने 100 रुपये के नोटों को 12 लाख रुपये तक में बेचने के दावे किए जा रहे हैं। कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और ई-कॉमर्स वेबसाइट्स (जैसे eBay, CoinBazzar या Quikr) पर ऐसे नोटों की नीलामी की खबरें सुर्खियां बटोर रही हैं। लेकिन क्या यह वाकई इतना आसान है? आइए जानते हैं इसके पीछे का सच।

क्यों खास माने जाते हैं ये नोट? (The 'Unique' Factor)

कलेक्टरों की दुनिया में कुछ खास फीचर्स वाले नोटों की मांग रहती है, जिन्हें 'न्यूमिस्मैटिक्स' (Numismatics) कहा जाता है:

सीरियल नंबर '786': कई लोग इस नंबर को बेहद शुभ मानते हैं, इसलिए इस सीरीज के नोटों के लिए मोटी रकम देने को तैयार रहते हैं।

मिसप्रिंट नोट: छपाई के दौरान हुई गलती (जैसे कटी हुई डिजाइन या गलत नंबर) वाले नोटों की कीमत भी अधिक हो सकती है।

पुराने गवर्नर के हस्ताक्षर: पूर्व गवर्नर जैसे आई.जी. पटेल या मनमोहन सिंह के हस्ताक्षर वाले नोट, जो अब चलन में नहीं हैं, की भी मांग रहती है।

क्या है असली कीमत? (The Reality Check)

बाजार भाव बनाम वायरल दावा: हालांकि कुछ दुर्लभ नोट हजारों में बिकते हैं, लेकिन 12 लाख रुपये जैसी राशि मिलना अत्यंत दुर्लभ है। यह पूरी तरह से खरीदार और नोट की स्थिति (UNC - Uncirculated Condition) पर निर्भर करता है।

आरबीआई (RBI) का रुख: भारतीय रिजर्व बैंक ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह पुराने नोटों या सिक्कों की खरीद-बिक्री में किसी भी तरह से शामिल नहीं है। आरबीआई ऐसी किसी भी गतिविधि को बढ़ावा नहीं देता।

धोखाधड़ी से सावधान: RBI की गाइडलाइंस

नोटों की खरीद-बिक्री के नाम पर बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है:

किसी को एडवांस न दें: जालसाज अक्सर 'रजिस्ट्रेशन फीस' या 'नोट वेरिफिकेशन' के नाम पर आपसे पैसे मांग सकते हैं।

बैंक डिटेल्स साझा न करें: नोट बेचने के नाम पर ओटीपी (OTP) या बैंक खाते की जानकारी कभी साझा न करें।

आधिकारिक प्लेटफॉर्म नहीं: आरबीआई ने कोई आधिकारिक पोर्टल या एजेंट नियुक्त नहीं किया है जो पुराने नोटों की नीलामी करता हो।